खींवसर का गहलोत पर पलटवार, नैपकिन खरीद पर उठाए सवाल

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों पर पलटवार करते हुए पिछली सरकार के दौरान सैनिटरी नैपकिन खरीद और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा सरकार की नीति को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस बताया और कहा कि अनियमितता सामने आने पर जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

  • खींवसर का गहलोत पर पलटवार, पिछली सरकार पर लगाए गंभीर आरोप।
  • सैनिटरी नैपकिन खरीद की दरों को लेकर उठाए सवाल।
  • भजनलाल सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा किया।

Khinvsar hits back at Gehlot : चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पिछली और मौजूदा सरकार की कार्यशैली में स्पष्ट अंतर है। खींवसर के मुताबिक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार अनियमितताओं को दबाने के बजाय उनकी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की नीति पर काम कर रही है।

यह भी पढ़ें ; जयपुर में सजा फोटोग्राफी का महाकुंभ, छात्रों ने सीखी कैमरे की कला

खींवसर ने सैनिटरी नैपकिन की खरीद को लेकर पिछली सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में निजी कंपनियों से प्रति पैकेट 14.09 और 16.80 रुपये की दर से खरीद की जाती थी। वहीं, मौजूदा सरकार भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम से 11.34 रुपये प्रति पैकेट की दर पर खरीद कर रही है। मंत्री ने दावा किया कि कीमत कम होने के बावजूद गुणवत्ता से समझौता नहीं किया गया और प्रदेश में आपूर्ति भी नियमित रखी जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय महिलाओं को निशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने वाली उड़ान योजना की सामग्री की अनियमितता का मामला सामने आया था। खींवसर के अनुसार पोकरण में करीब 34 लाख रुपये मूल्य के 1.70 लाख पैकेट सैनिटरी नैपकिन से भरा ट्रक पकड़ा गया था।

मंत्री ने बांसवाड़ा में सरकारी योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले सैनिटरी नैपकिन की कथित कालाबाजारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सामग्री की बिक्री और ट्रकों के गायब होने जैसे मामलों को लेकर सवाल उठे थे। खींवसर ने कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जनता इन घटनाओं को भूली नहीं है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में यदि किसी योजना या विभाग में गड़बड़ी सामने आती है तो उसे छिपाने के बजाय जांच की जाती है। इसी क्रम में सरकारी अस्पतालों में कैंसर मरीजों को निशुल्क मिलने वाली दवाओं की कथित कालाबाजारी के मामले की भी जांच की जा रही है। खींवसर ने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

चिकित्सा मंत्री ने गहलोत पर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को गुमराह करने के बजाय पिछली सरकार के कार्यकाल की जवाबदेही पर बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर राजनीति करने से बेहतर है कि पुराने मामलों का हिसाब दिया जाए।

यह भी पढ़ें ; जयपुर में संदिग्ध मूंगफली तेल सीज, ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई

खींवसर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य गरीबों, महिलाओं और मरीजों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने दोहराया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर न तो किसी को संरक्षण मिलेगा और न ही राजनीतिक दबाव में कार्रवाई से राहत दी जाएगी।

Related Articles

Back to top button