समर प्रोजेक्ट शो में बच्चों ने दिखाया हुनर

जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल के समर प्रोजेक्ट शो 2026 में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने पढ़ाई को अनुभव और रचनात्मकता से जोड़ा। बच्चों ने मॉडल, शोध कार्य और मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए अलग-अलग विषयों को रोचक अंदाज में पेश किया। अभिभावकों ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, जिज्ञासा, मेहनत और सीखने के उत्साह की जमकर सराहना की।

  • समर प्रोजेक्ट शो में बच्चों ने मॉडल और शोध कार्य प्रदर्शित किए।
  • बच्चों ने दिखाया हुनर और नरेशन, संगीत, नृत्य से प्रस्तुतियां दीं।
  • समर प्रोजेक्ट शो में भारत, अंतरिक्ष, विश्व शहरों और सभ्यताओं की झलक दिखी।

Children showcased their talent at the summer project show : जब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर बच्चों के अनुभव से जुड़ती है, तो सीखने का अंदाज भी बदल जाता है। जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल (जेपीएचएस) के कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने आयोजित समर प्रोजेक्ट शो 2026 में कुछ ऐसा ही अनुभव साझा किया। बच्चों ने अपनी मेहनत और कल्पनाशक्ति से तैयार प्रोजेक्ट्स को मंच और प्रदर्शनी के जरिए दर्शकों के सामने रखा।

समर प्रोजेक्ट शो में बच्चों ने दिखाया हुनर
Image Source : Via Dainik Jaltedeep

कार्यक्रम में बच्चों की मंचीय प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहीं। विद्यार्थियों ने नरेशन, संगीत, नृत्य और स्टोरीटेलिंग के माध्यम से अपने विषयों को जीवंत किया। छोटे-छोटे बच्चों का आत्मविश्वास और विषयों को समझाने का उनका अंदाज दर्शकों को खासा पसंद आया। प्रस्तुतियों में उनकी तैयारी और विषय के प्रति रुचि साफ दिखाई दी।

समर प्रोजेक्ट शो में बच्चों ने दिखाया हुनर
Image Source : Via Dainik Jaltedeep

प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों ने अलग-अलग कक्षाओं के अनुसार विविध विषयों को चुना। कक्षा 1 के बच्चों ने ‘फील्ड टू टेबल’ के जरिए खेत से भोजन के हमारी थाली तक पहुंचने की प्रक्रिया समझाई। कक्षा 2 ने ‘लेट्स एक्सप्लोर स्पेस’ के माध्यम से अंतरिक्ष की दुनिया से परिचित कराया।

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वहीं कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने ‘सिटीज ऑफ द वर्ल्ड’ के जरिए दुनिया के अलग-अलग शहरों और संस्कृतियों की झलक प्रस्तुत की। कक्षा 4 ने ‘यूनिटी इन डायवर्सिटी’ के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को सामने रखा। कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने ‘सिविलाइजेशंस ऑफ द वर्ल्ड’ के जरिए प्राचीन सभ्यताओं और उनकी विरासत को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया।

मंचीय कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों के बनाए मॉडल, शोध कार्य और अन्य रचनात्मक प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन प्रोजेक्ट्स को बच्चों ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान तैयार किया था। इस दौरान उन्होंने अपने चुने हुए विषयों पर जानकारी जुटाई, नए तथ्यों को समझा और फिर अपनी सीख को मॉडल तथा विजुअल प्रेजेंटेशन के रूप में सामने रखा।

प्राइमरी विंग की प्रिंसिपल शाश्वती गोस्वामी ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षकों का उद्देश्य बच्चों को ऐसे सीखने के अवसर देना है, जिनमें वे साथ मिलकर काम करें, शोध करें और अपने विचारों को खुलकर व्यक्त कर सकें। उन्होंने अनुभव आधारित शिक्षा को बच्चों में सीखने की स्थायी रुचि और जिज्ञासा विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम के दौरान अभिभावक भी बच्चों की प्रस्तुतियों को लेकर उत्साहित नजर आए। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, विषयों की विविधता और मंच पर उनकी ऊर्जा की सराहना की। अभिभावकों के मुताबिक प्रदर्शनी में बच्चों की जिज्ञासा और खुद जानकारी जुटाने की क्षमता भी साफ नजर आई।

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समर प्रोजेक्ट शो ने बच्चों को सिर्फ अपना काम दिखाने का मंच नहीं दिया, बल्कि उन्हें यह अनुभव भी कराया कि सीखना तब और दिलचस्प हो जाता है, जब उसे अपनी कल्पना, मेहनत और अभिव्यक्ति से जोड़ा जाए।

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