राजस्थान में सजेगा ‘लीलाधर उत्सव’ का दरबार, राज्यपाल बागडे ने किया पोस्टर लॉन्च
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर के लोक भवन में ‘लीलाधर उत्सव’ के पोस्टर का विमोचन किया। भगवान श्री देवनारायण के निष्ठावान अश्व लीलाधर की स्मृति को समर्पित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता को सामने लाएगा। उत्सव में विशेष अश्व पूजन, महाआरती, शोभायात्रा, झांकियां और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे भी।
- लीलाधर उत्सव के पोस्टर का राज्यपाल ने किया विमोचन
- राज्यपाल बागडे ने आयोजन को लोक संस्कृति से जुड़ा बताया
- लीलाधर उत्सव में निकलेगी भव्य शोभायात्रा
The stage is set for the ‘Leeladhar Utsav’ in Rajasthan : भगवान श्री देवनारायण के निष्ठावान अश्व लीलाधर की स्मृति और सम्मान में आयोजित होने वाले ‘लीलाधर उत्सव’ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बुधवार को सिविल लाइंस स्थित लोक भवन में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने उत्सव के पोस्टर का विमोचन किया।
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आयोजक अखिल भारतीय गुर्जर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भगवान श्री देवनारायण एवं भैरव बाबा मंदिर समिति के अध्यक्ष रवि शंकर धाभाई ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए राजस्थान की लोक परंपराओं, संस्कृति, वीरता, निष्ठा और सामाजिक समरसता की झलक भी देखने को मिलेगी।
उत्सव की शुरुआत विशेष अश्व पूजन और महाआरती के साथ होगी। इसके बाद भगवान श्री देवनारायण और अश्व लीलाधर की सजीव झांकियों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ प्रदेश की लोक कला और परंपराओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
धाभाई ने कहा कि लीलाधर की स्मृति से जुड़ा यह आयोजन नई पीढ़ी को राजस्थान की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं और गुर्जर समाज के लोगों से परिवार सहित उत्सव में शामिल होने की अपील की।
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में अशोक कुमार शर्मा, विनोद कुमार लोकवानी, राजेंद्र कुमार सोनी, करण सिंह तंवर, दिनेश गुर्जर सहित महासंघ और मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
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आयोजकों के अनुसार उत्सव के दौरान कई धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शोभायात्रा में राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।



