गहलोत लगाएं आरोप नहीं, कांग्रेस के गिरते जनाधार पर करें आत्ममंथन : मदन राठौड़

निकाय चुनाव परिणामों के बाद भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत की प्रेसवार्ता पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस से प्रदर्शन, संगठन और तैयारियों की समीक्षा करने को कहा। राठौड़ ने जनादेश स्वीकार करने की बात कही और परिसीमन तथा पुलिस प्रशासन से जुड़े गहलोत के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने भाजपा के पक्ष में आए परिणामों का उल्लेख किया।

  • मदन राठौड़ का गहलोत पर निशाना, कहा- आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस की हार पर करें आत्ममंथन।
  • निकाय चुनाव नतीजों में भाजपा ने लहराया परचम, 4,179 वार्डों पर दर्ज की शानदार जीत।
  • परिसीमन और पुलिस-प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया पूरी तरह बेबुनियाद।

Madan Rathore Responds to Gehlot : राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रेसवार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और संगठन की तैयारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का फैसला सामने आ चुका है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश को स्वीकार किया जाना चाहिए।

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राठौड़ ने कहा कि गहलोत की अपनी बातों से भी यह सामने आया कि भाजपा से नाराज मतदाताओं का एक हिस्सा कांग्रेस की ओर नहीं गया, बल्कि कुछ मतदाताओं ने निर्दलीय प्रत्याशियों का समर्थन किया। उनके मुताबिक यह स्थिति कांग्रेस की चुनावी रणनीति, संगठन और तैयारियों की समीक्षा का विषय है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ गहलोत के मतभेदों का भी दावा किया। हालांकि, ये राठौड़ के राजनीतिक आरोप हैं। उन्होंने कांग्रेस से भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय अपने संगठन और चुनावी प्रदर्शन पर ध्यान देने की बात कही।

निकाय चुनाव के आंकड़ों का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि घोषित 10,235 वार्डों में भाजपा ने 4,179 और कांग्रेस ने 3,613 वार्डों पर जीत दर्ज की, जबकि 2,273 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।

भाजपा की ओर से इन परिणामों को पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की भूमिका से जोड़कर देखा गया।

परिसीमन को लेकर गहलोत की आपत्तियों पर भी राठौड़ ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान जयपुर, जोधपुर और कोटा में नगर निगमों का विभाजन किया गया था, जबकि भाजपा सरकार ने ‘एक शहर-एक निगम’ व्यवस्था बहाल की।

राठौड़ ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस को परिसीमन की प्रक्रिया पर आपत्ति थी, तो उसे तय प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। इसी तरह पुलिस और प्रशासन को लेकर लगाए गए आरोपों को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि राजस्थान में प्रशासन कानून के दायरे में काम कर रहा है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब कांग्रेस को अपने संगठन, नेतृत्व और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। वहीं, उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए सुशासन और विकास से जुड़े मुद्दों पर आगे काम करेगी।

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