मनरेगा बकाया भुगतान पर सख्ती, आयुक्त ने जारी किए कड़े निर्देश
मनरेगा कार्यों की समीक्षा बैठक में आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने सभी जिला परिषदों को बकाया बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक कार्य शुरू करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
- मनरेगा के बकाया बिलों का जल्द भुगतान करने के निर्देश।
- मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक कार्य शुरू करने पर जोर।
- आयुक्त ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
Strictness regarding payment of MGNREGA dues : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी संचालन को लेकर गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को लंबित कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
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बैठक में सबसे अधिक जोर मनरेगा के बकाया बिलों के भुगतान पर दिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सामग्री मद के लिए आवंटित 735 करोड़ रुपये की राशि के तहत लंबित भुगतान की जिलेवार समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी बकाया बिल 10 जुलाई तक भुगतान के लिए अग्रेषित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा का पालन नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने जुलाई माह में शुरू किए गए कार्यों और श्रमिक नियोजन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए और प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक सामुदायिक कार्य शुरू किया जाए। साथ ही, आगामी पखवाड़े में जिन जॉब कार्डधारी परिवारों ने काम की मांग की है, उन्हें नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाली पंचायत समितियों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने ऐसे मामलों में संबंधित विकास अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा कार्यों की नियमित निगरानी और समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आयुक्त (प्रथम) हेमंत स्वरूप माथुर, वित्तीय सलाहकार रमेश सांखला, परियोजना निदेशक रतन लाल अटल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।



