खेलो इंडिया संवाद : एमएनआईटी में कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने युवाओं और खिलाड़ियों के साथ किया खास संवाद

जयपुर के MNIT में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने छात्र-छात्राओं और युवा खिलाड़ियों से खेल, अनुशासन और सफलता पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि हार के बाद दोबारा मैदान में उतरना ही असली चैंपियन की पहचान है। युवाओं को दबाव से घबराने के बजाय उसे अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मानना चाहिए और खेलों को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

  • MNIT में ‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान युवाओं से संवाद हुआ।
  • चैंपियन बनने के लिए हार से सीखकर लगातार आगे बढ़ने का संदेश दिया।
  • खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने और अनुशासन के साथ मेहनत करने पर जोर दिया।

MNIT Youth Get the Champion Mantra : जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में युवाओं के बीच ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने छात्र-छात्राओं और युवा खिलाड़ियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलों को लेकर विजन और युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।

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कर्नल राठौड़ ने कहा कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जीवन को बेहतर तरीके से जीने की सीख भी देते हैं। खेल के जरिए अनुशासन, धैर्य, टीम भावना, नेतृत्व और मुश्किल परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने की क्षमता विकसित होती है। उनका कहना था कि यही गुण आगे चलकर पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत जीवन में भी काम आते हैं।

युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में दबाव और चुनौतियां आती हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय चुनौती को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य तय कर लगातार मेहनत करने और कठिन परिस्थितियों में भी अपने प्रयास जारी रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि असली चैंपियन वही होता है जो हार के बाद रुकता नहीं, बल्कि अगले दिन फिर मैदान में उतरने का साहस दिखाता है। सफलता किसी एक दिन की मेहनत का नतीजा नहीं होती। लगातार सीखना, गलतियों से सबक लेना और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहना ही लंबे समय की सफलता का आधार है।

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मैदान खिलाड़ी को कई ऐसी बातें सिखाता है, जो किताबों से हमेशा नहीं सीखी जा सकतीं। टीम के लिए खेलना, सही समय पर फैसला लेना, साथी खिलाड़ियों पर भरोसा करना और अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाना व्यक्ति के व्यक्तित्व को मजबूत बनाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक ‘स्पोर्टिंग नेशन’ बनाने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि देश के बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए बेहतर अवसर मिलें और खेल भारतीय जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनें।

राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान कर्नल राठौड़ ने राजस्थान और देश का प्रतिनिधित्व कर रहे युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

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युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि मैदान में उतरें, पूरी मेहनत करें, हार से सीखें और हर दिन खुद को पिछले दिन से बेहतर बनाने की कोशिश करें। उनके मुताबिक, निरंतर सुधार और संघर्ष की यही भावना एक खिलाड़ी को चैंपियन बनाने की दिशा में आगे ले जाती है।

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