झालाना में शुरू हुआ हाईटेक ट्रांसफर स्टेशन, अब कचरा प्रबंधन होगा और तेज

जयपुर के झालाना में 150 टीपीडी क्षमता वाले आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का शुभारंभ किया गया। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसका लोकार्पण करते हुए इसे स्वच्छता अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया। नई व्यवस्था से मालवीय नगर और झालाना जोन में कचरा संग्रहण से अंतिम निस्तारण तक की प्रक्रिया अधिक तेज, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल होगी।

  • हाईटेक ट्रांसफर स्टेशन से कचरा प्रबंधन की रफ्तार बढ़ेगी।
  • झालाना ट्रांसफर स्टेशन की क्षमता 150 टीपीडी रखी गई है।
  • कचरा प्रबंधन अब पूरी तरह आधुनिक और मैकेनाइज्ड प्रणाली से होगा।

High-tech transfer station launched in Jhalana : राजधानी जयपुर में ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम जयपुर ने झालाना में 150 टन प्रतिदिन (150 TPD) क्षमता वाले अत्याधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का शुभारंभ किया। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण कर इस परियोजना को जनता के लिए समर्पित किया।

झालाना में शुरू हुआ हाईटेक ट्रांसफर स्टेशन, अब कचरा प्रबंधन होगा और तेज
Image Source : Via Dipr

कार्यक्रम में मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ, नगर निगम के प्रशासक वे. सरवणे, आयुक्त ओम कसेरा, अतिरिक्त आयुक्त नरेन्द्र कुमार बंसल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री के जन्मदिन पर निगम अधिकारियों ने उनका सम्मान भी किया और शुभकामनाएं दीं।

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लोकार्पण के बाद मंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत” अभियान को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली से शहर की स्वच्छता बेहतर होगी और इसका सीधा लाभ आम लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण को मिलेगा। साथ ही उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण और उसके संरक्षण का भी आह्वान किया।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मालवीय नगर और झालाना जोन में लगातार बढ़ रहे कचरे को देखते हुए इस नए ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है। यह परियोजना बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर विकसित की गई है, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्य आधुनिक तकनीक के साथ किए गए हैं।

इस ट्रांसफर स्टेशन में तीन रिफ्यूज कॉम्पेक्शन यूनिट, पांच हुक लोडर वाहन और सात बड़े कंटेनरों की व्यवस्था की गई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी संचालन जारी रखने के लिए अलग से जनरेटर लगाया गया है। साथ ही सभी कचरा वाहनों का वजन मापने के लिए अत्याधुनिक वेब्रिज (Weighbridge) भी स्थापित किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत घर-घर से एकत्र होने वाले कचरे को पहले स्टैटिक कॉम्पेक्टर यूनिट में संपीड़ित किया जाएगा और फिर मशीनों के माध्यम से सीधे लांगड़ियावास वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इससे कचरा संग्रहण, परिवहन और अंतिम निस्तारण की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह मैकेनाइज्ड और व्यवस्थित हो जाएगी।

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अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी। साथ ही मालवीय नगर और झालाना जोन की स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। नगर निगम अन्य जोनों में भी इसी तरह के आधुनिक ट्रांसफर स्टेशन विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

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