राजस्थान में बारिश का इंतजार, 19 जुलाई से बदल सकता है मौसम

राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 13 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है, जबकि भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि 19 जुलाई से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद प्रदेश में मानसून दोबारा रफ्तार पकड़ सकता है।

  • राजस्थान के 13 जिलों में हल्की बारिश की संभावना।
  • मानसून 19 जुलाई से फिर सक्रिय होने के संकेत।
  • कम बारिश से किसानों और खरीफ फसलों की बढ़ी चिंता।

Monsoon May Revive in Rajasthan from July 19 : राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 13 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 19 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ के असर के बाद बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बूंदाबांदी के आसार हैं।

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पिछले 24 घंटों के दौरान अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में सबसे अधिक करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं श्रीगंगानगर में भी हल्की बरसात हुई। इसके बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बनी रही। श्रीगंगानगर 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा, जबकि जैसलमेर में 39 डिग्री और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

लगातार कमजोर पड़े मानसून का असर अब खेती पर भी दिखने लगा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कम वर्षा के कारण खरीफ की फसलें, खासकर मोटे अनाज और दलहनी फसलें प्रभावित होने लगी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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भारतीय मौसम विभाग की सैटेलाइट तस्वीरों में भी पिछले कई दिनों से राजस्थान के ऊपर बादलों की कमी देखी गई है। करीब 10 जुलाई से बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिसके चलते अधिकांश इलाकों में अच्छी वर्षा नहीं हो सकी।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 19 जुलाई से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर मौसम का मिजाज बदल सकता है और प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है।

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