राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू

राजस्थान में मानसून की वापसी सामान्य समय से करीब दो दिन बाद शुरू हुई है। शनिवार को पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से मानसून पीछे हटने लगा, जबकि दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश अभी जारी है। मौसम विभाग ने रविवार को भी सात जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना जताई है। इस बीच कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • राजस्थान मानसून ने सीमावर्ती इलाकों से वापसी शुरू की।
  • दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अभी हल्की बारिश का दौर जारी।
  • मौसम विभाग ने रविवार को सात जिलों में बारिश का अनुमान जताया।

Monsoon Retreat Begins in Rajasthan: जयपुर। राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शनिवार से शुरू हो गया। सामान्य समय से करीब दो दिन की देरी के बाद बीकानेर के खाजूवाला, फलोदी और जैसलमेर से जुड़े सीमावर्ती इलाकों में मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बन गईं। हालांकि प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में अभी मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।

शनिवार को बारां, उदयपुर, झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, सिरोही, बूंदी और चित्तौड़गढ़ के कुछ इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। बारां जिले के अटरू में 19 सितंबर को सबसे ज्यादा 29 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। बारां और झालावाड़ के कुछ हिस्सों में भी करीब आधा इंच तक बारिश हुई।

मौसम विभाग के मुताबिक, पाकिस्तान-राजस्थान सीमा के आसपास प्रतिचक्रवात बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके असर से वातावरण में मौजूद नमी कम होने लगी है और कई इलाकों में आसमान साफ होने लगा है। यही परिस्थितियां मानसून की वापसी के लिए अनुकूल मानी जा रही हैं।

मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, राजस्थान के अलावा पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। प्रतिचक्रवाती गतिविधि के चलते बारिश में कमी आने के साथ ही दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

शनिवार को चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, जैसलमेर, कोटा, डूंगरपुर, सिरोही और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान में 1 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हुई। प्रदेश में सबसे अधिक दिन का तापमान जैसलमेर में 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के सात जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है। खासकर दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ समय तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

इस साल राजस्थान में मानसून का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से कम दर्ज की गई। अब पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से मानसून की वापसी शुरू होने के साथ आने वाले दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों से भी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

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