राजस्थान में फिर बरसा मानसून, 3 जिलों में अलर्ट
राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने नए निम्न दबाव क्षेत्र के असर से पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 24 जिलों के लिए यलो अलर्ट है।
- राजस्थान मानसून: धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में ऑरेंज अलर्ट।
- राजस्थान बारिश: पूर्वी हिस्सों में कई जगह तेज बरसात का दौर।
- मौसम अलर्ट: 24 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी।
Monsoon Returns to Rajasthan, Orange Alert in 3 Districts: जयपुर। राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने नए निम्न दबाव क्षेत्र का असर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में दिखाई दे रहा है। भरतपुर, कोटा और जयपुर संभाग के कई इलाकों में बारिश जारी है, जबकि मौसम विभाग ने शनिवार को तीन जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 175 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं बारां, कोटा, धौलपुर, भरतपुर, अलवर, दौसा और टोंक समेत कई जिलों में एक से तीन इंच तक बारिश हुई।
लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में नदी-नालों और झरनों में पानी का बहाव बढ़ गया है। झालावाड़ में कालीसिंध और छापी बांध के गेट भी खोले गए हैं। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए झालावाड़ और करौली में शनिवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
जयपुर में भी शुक्रवार सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे राजधानी के मौसम में बदलाव आया और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। बारिश के कारण अधिकतम तापमान करीब सात डिग्री नीचे आकर 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर एयरपोर्ट पर 12.3 मिलीमीटर और कलेक्ट्रेट क्षेत्र में 9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
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दौसा के बांदीकुई में करीब 15 दिन बाद बारिश ने फिर दस्तक दी। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक लगभग 25 मिलीमीटर पानी बरसा, जिसके बाद झालानी बगीची रेलवे फाटक क्षेत्र और बसवा रोड पर जलभराव की स्थिति बन गई।
कोटपूतली में भी करीब 45 मिनट तक तेज बारिश हुई। मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भर गया। वहीं सवाई माधोपुर में तेज बहाव के बीच एक रपट पार कर रहा बाइक सवार बहने से बाल-बाल बचा।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से बना निम्न दबाव क्षेत्र राजस्थान की पूर्वी सीमा के आसपास सक्रिय है। मानसून द्रोणिका भी इस सिस्टम से जुड़ी हुई है। इसी वजह से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
हालांकि पश्चिमी राजस्थान में अभी गर्मी का असर बना हुआ है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर 40.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। दूसरी ओर बारिश के चलते कोटा में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
अजमेर में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। सितंबर के शुरुआती चार दिनों में शहर में बारिश दर्ज नहीं की गई। ऐसे में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज फिलहाल काफी अलग नजर आ रहा है।



