नाहरगढ़ में अब पानी की बोतल भी लौटानी होगी, प्लास्टिक पर लगेगा ₹1,000 जुर्माना
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत शुरू की गई इस व्यवस्था में पर्यटकों को कांच की री-यूजेबल बोतल में पानी मिलेगा। प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर रोक के साथ नियम तोड़ने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
- नाहरगढ़ जैविक उद्यान में प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर रोक।
- री-यूजेबल कांच की बोतल में 500 एमएल पानी 50 रुपये में मिलेगा।
- खाली बोतल लौटाने पर 40 रुपये वापस, प्लास्टिक बोतल इस्तेमाल करने पर ₹1,000 जुर्माना।
Nahargarh Zoo Launches Reusable Glass Bottle Initiative : जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों के लिए ‘ग्रीन टूरिज्म’ को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। 72वें वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत वन्यजीव विभाग, जयपुर और नीर अमृत फाउंडेशन के सहयोग से कांच की बोतलों के पुन: उपयोग पर आधारित पेयजल रिफिलिंग व्यवस्था शुरू की गई है।
इस पहल का उद्देश्य पर्यटन स्थल पर सिंगल यूज प्लास्टिक की खपत कम करना और पर्यटकों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मॉडल आने वाले समय में जयपुर के दूसरे पर्यटन स्थलों पर भी लागू किया जा सकता है।
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पहल की शुरुआत सीसीएफ रामकरण खेरवा, सीसीएफ डॉ. आशीष व्यास, डीसीएफ मनफूल विश्नोई और अन्य वन विभाग के अधिकारियों ने की। इस दौरान पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
नई व्यवस्था के तहत नाहरगढ़ जैविक उद्यान की टिकट विंडो के पास पर्यटकों को 500 एमएल पानी कांच की बोतल में 50 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। पानी पीने के बाद खाली बोतल वापस जमा कराने पर पर्यटक को 40 रुपये वापस मिलेंगे।
नीर अमृत फाउंडेशन इस व्यवस्था में नो-प्रॉफिट, नो-लॉस आधार पर तकनीकी और परिचालन सहयोग दे रहा है। इसका मकसद बोतलों को दोबारा इस्तेमाल में लाकर प्लास्टिक कचरे को कम करना है।
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सीसीएफ रामकरण खेरवा ने बताया कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रोजाना बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों द्वारा इस्तेमाल के बाद फेंकी जाने वाली प्लास्टिक की बोतलें वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण के लिए परेशानी पैदा कर रही थीं।
इसी को देखते हुए उद्यान को प्लास्टिक मुक्त रखने की दिशा में प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। नियम का उल्लंघन कर क्षेत्र में प्लास्टिक की पानी की बोतल का इस्तेमाल पाए जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि कांच की बोतल को बार-बार इस्तेमाल करने की व्यवस्था से प्लास्टिक कचरे में कमी लाने में मदद मिल सकती है। नाहरगढ़ से शुरू की गई यह पहल आगे जयपुर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक विस्तार की संभावना भी रखती है।



