जयपुर में ‘कमला शंकर फाउंडेशन’ का हुआ आगाज, नई प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
प्रसिद्ध शिक्षाविद स्वर्गीय प्रोफेसर शंकर प्रसाद शुक्ल की स्मृति में कमला शंकर फाउंडेशन की शुरुआत की गई है। जयपुर में आयोजित लोकार्पण समारोह में शिक्षा, साहित्य, कला, लेखन और पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने भाग लिया। फाउंडेशन का उद्देश्य आर्थिक संसाधनों की कमी से पीछे रह जाने वाली प्रतिभाओं को अवसर देना और उनकी रचनात्मक क्षमता को समाज तक पहुंचाने में मदद करना है।
- कमला शंकर फाउंडेशन नई प्रतिभाओं को देगा आगे बढ़ने का अवसर।
- साहित्य और कला के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन।
- जयपुर में फाउंडेशन का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया।
‘Kamala Shankar Foundation’ launched in Jaipur : शिक्षा, साहित्य और कला के क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में कमला शंकर फाउंडेशन ने अपनी शुरुआत की है। प्रसिद्ध शिक्षाविद स्वर्गीय प्रोफेसर शंकर प्रसाद शुक्ल की स्मृति में गठित इस फाउंडेशन का लोकार्पण समारोह जयपुर में शनिवार को आयोजित किया गया।
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कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, कला, लेखन और पत्रकारिता से जुड़े कई लोग शामिल हुए। समारोह के दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने संस्था की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जिनमें रचनात्मक क्षमता तो है, लेकिन आर्थिक सीमाओं के कारण वे अपनी प्रतिभा को व्यापक मंच तक नहीं पहुंचा पाते। खास तौर पर साहित्य और कला से जुड़े ऐसे रचनाकारों की मदद पर जोर दिया जाएगा।
फाउंडेशन की प्रमुख योजनाओं में प्रतिभाशाली लेखकों और रचनाकारों की पुस्तकों के प्रकाशन में सहयोग करना भी शामिल है। अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष अक्षिणी भटनागर द्वारा लिखित पुस्तक के प्रकाशन में फाउंडेशन सहयोग करेगा।
शिक्षा और साहित्य से जुड़ी नई पीढ़ी को प्रोत्साहन देने के लिए फाउंडेशन हर वर्ष साहित्य के क्षेत्र से जुड़े दो बच्चों को स्कॉलरशिप भी प्रदान करेगा। संस्था का मानना है कि सही समय पर मिला सहयोग किसी प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए जरूरी मंच दे सकता है।
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन की उपाध्यक्ष डॉ. आकांक्षा शंकर ने मनोनीत सदस्यों और कार्यकारिणी की जानकारी दी। कार्यकारिणी में अफशीन शर्मा, कदंब कबीर, डॉ. विनोद और कमल चोटिया को शामिल किया गया है।
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फाउंडेशन से जुड़े लोगों का कहना है कि शिक्षा समाज को दिशा देने, साहित्य संवेदनाओं को मजबूत करने और कला को संस्कृति से जोड़ने का काम करती है। इसी सोच के साथ कमला शंकर फाउंडेशन ने अपनी नई यात्रा शुरू की है, जिसका लक्ष्य प्रतिभा को पहचान देना और रचनात्मकता को उचित मंच उपलब्ध कराना है।



