15 अगस्त तक पोषण अभियान का बड़ा मिशन, घर-घर पहुंचेगी आंगनबाड़ी टीम
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर सर्वे करेंगी, पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करेंगी और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की सटीक वृद्धि निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य पोषण सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को मजबूत बनाना है।
- पोषण अभियान के तहत 15 अगस्त तक घर-घर सर्वे और लाभार्थियों का पंजीकरण।
- घर-घर सर्वे में कोई भी परिवार, महिला, किशोरी या बच्चा छूटने नहीं दिया जाएगा।
- सटीक वृद्धि निगरानी के लिए 0-6 वर्ष के बच्चों का वजन और लंबाई मापकर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाएगा।
Nutrition Drive Till August 15 Focuses on Door-to-Door Survey : महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण अभियान 2.0 और सक्षम आंगनबाड़ी के तहत 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आंगनबाड़ी क्षेत्र का कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी पोषण सेवाओं से वंचित न रहे।
अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवारों का सर्वे करेंगी। इसके लिए क्षेत्र का नजरी नक्शा तैयार किया जाएगा, ताकि हर घर तक पहुंच बन सके और किसी भी परिवार, महिला, किशोरी या बच्चे का सर्वे छूटने की संभावना न रहे।
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इस अभियान का सबसे अहम हिस्सा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की सटीक वृद्धि निगरानी है। सभी बच्चों का सही तरीके से वजन और लंबाई मापकर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाएगा। निगरानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए महिला पर्यवेक्षक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर कम से कम 10 बच्चों के रिकॉर्ड का रैंडम सत्यापन भी करेंगी।
विभाग गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, छोटे बच्चों और स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों का पंजीकरण भी करेगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, कार्यकर्ताओं की प्रोफाइल तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड को भी अपडेट किया जाएगा।
अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना, मुख्यमंत्री मातृ पोषण योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र और अतिकुपोषित बच्चों के लिए उपलब्ध दुधयुक्त बालाहार जैसी योजनाओं की जानकारी सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
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अभियान की निगरानी के लिए महिला पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी और उपनिदेशक नियमित निरीक्षण करेंगे। सभी अधिकारियों को प्रतिदिन गूगल फॉर्म के जरिए केंद्र भ्रमण की रिपोर्ट दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि अभियान की तैयारियों के तहत जून माह में यूनिसेफ के सहयोग से सभी स्तरों पर प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। विभाग का मानना है कि यह विशेष अभियान पोषण सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।



