IIIT कोटा से निकलेगा भविष्य का टेक लीडर, ओम बिरला का बड़ा विजन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने IIIT कोटा के पांचवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री सफलता का अंत नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नई शुरुआत है। उन्होंने संस्थान में एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों के नए पाठ्यक्रम शुरू कर इसे विश्वस्तरीय तकनीकी एवं नवाचार केंद्र बनाने की बात कही।
- IIIT कोटा को विश्वस्तरीय तकनीकी संस्थान बनाने का लक्ष्य।
- ओम बिरला ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान का संदेश दिया।
- IIIT कोटा में एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे नए पाठ्यक्रमों पर जोर।
The future tech leader will emerge from IIIT Kota : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) कोटा के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर स्नातक विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल डिग्री हासिल करने का नहीं, बल्कि देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने की नई जिम्मेदारी स्वीकार करने का भी है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि आज का युवा भारत ज्ञान, तकनीक और नवाचार के बल पर दुनिया में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि IIIT कोटा के विद्यार्थी अपने तकनीकी कौशल और नवाचार से भारत को वैश्विक नेतृत्व की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक जरूरतों को देखते हुए IIIT कोटा को भविष्य की तकनीकों का अग्रणी संस्थान बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि संस्थान को चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की योजना है। आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों की क्षमता पहले 5 हजार और बाद में 25 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही IIIT कोटा को ऐसा विश्वस्तरीय परिसर बनाया जाएगा, जहां शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप, उद्योग और नवाचार का मजबूत इकोसिस्टम विकसित हो।
उन्होंने कहा कि भविष्य का भारत केवल तकनीक का उपयोग करने वाला नहीं, बल्कि नई तकनीकों का नेतृत्व करने वाला राष्ट्र बनेगा। इसके लिए ऐसे संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, जो युवाओं को नवाचार और शोध के लिए प्रेरित करें।
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समारोह के अंत में ओम बिरला ने सभी स्नातक विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और नवाचार के माध्यम से भारत की प्रगति, समृद्धि और वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएं।



