ज्ञानपीठ की पहली वर्षगांठ पर खास अनावरण

जयपुर में श्री परशुराम ज्ञानपीठ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को संस्थान के नए दिव्य प्रतीक चिन्ह का विधिवत अनावरण किया गया। प्रतीक में भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध, जाग्रत चेतना और मानवीय विकास की अवधारणा को स्थान दिया गया है। कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन और ज्ञानपीठ से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • श्री परशुराम ज्ञानपीठ की पहली वर्षगांठ पर दिव्य प्रतीक का अनावरण।
  • दिव्य प्रतीक में भारतीय ज्ञान-परंपरा और अनुसंधान का संदेश।
  • जयपुर में आयोजित समारोह में विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी हुए शामिल।

Special unveiling on the first anniversary of Jnanpith : श्री परशुराम ज्ञानपीठ की स्थापना के एक वर्ष पूरे होने पर रविवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर ज्ञानपीठ के दिव्य प्रतीक चिन्ह का औपचारिक रूप से अनावरण किया गया। कार्यक्रम में इसे भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान और मानवीय उत्कर्ष की सोच को सामने रखने वाला प्रतीक बताया गया।

ज्ञानपीठ की पहली वर्षगांठ पर खास अनावरण
Image Source : Via Dainik Jaltedeep

दिव्य प्रतीक का अनावरण ज्ञानपीठ के कार्यकारी अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा, विक्की के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बसोतिया, विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विमलेश शर्मा, परमेश्वर शर्मा और नरेंद्र हर्ष ने संयुक्त रूप से किया।

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ज्ञानपीठ संचालन समिति के सचिव एवं विप्र फाउंडेशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतीश शर्मा ने प्रतीक चिन्ह की अवधारणा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खुले ग्रंथ से निकलती ज्ञान-रेखाएं लगातार ज्ञान के सृजन और विस्तार का संकेत देती हैं। वहीं उगते सूर्य की रोशनी तप, संस्कार, ऊर्जा और आगे बढ़ने की संभावनाओं को दर्शाती है।

प्रतीक चिन्ह में शामिल ‘ज्ञान-चक्षु’ को जागरूक चेतना, अंतर्दृष्टि और विवेक का प्रतीक बताया गया। इसके माध्यम से जिज्ञासा से ज्ञान, ज्ञान से विवेक और विवेक से प्रज्ञा तक पहुंचने की यात्रा का भाव प्रस्तुत किया गया है।

प्रतीक चिन्ह के स्लोगन “तेजस्वि नावधीतमस्तु” को ज्ञानपीठ के मूल संकल्प से जोड़ा गया है। इसका भाव यह है कि अध्ययन से प्राप्त ज्ञान तेजस्वी और प्रकाशमान बने। आयोजकों के अनुसार, इसी विचार को संस्थान की शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों की आधार भावना के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

समारोह में विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव अजय पारीक, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा, सोशल मीडिया राष्ट्रीय प्रभारी राहुल पांडे, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण अवतार त्रिवेदी, विक्की के प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा और जोन के प्रदेश महामंत्री गजेंद्र ज्ञानपुरिया सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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इसके अलावा सुशील शर्मा पीरनगर, जयपुर शहर अध्यक्ष महेंद्र शर्मा, बसंत शर्मा सहित विप्र फाउंडेशन से जुड़े अन्य पदाधिकारी और ज्ञानपीठ छात्रावास की बालिकाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। पहली वर्षगांठ पर हुए इस आयोजन में संस्था की विचारधारा और आगे की दिशा को लेकर भी उत्साह देखने को मिला।

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