कोटा में पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत, मुख्यमंत्री ने दिखाई वर्चुअली हरी झंडी
कोटा शहर में मंगलवार से पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर से वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। पहले चरण में तीन मार्गों पर संचालन शुरू हुआ है। शहर को 100 ई-बसें आवंटित हुई हैं, जिनमें 48 बसें पहुंच चुकी हैं। यात्रियों को कम किराए, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित, प्रदूषणमुक्त सफर का विकल्प मिलेगा।
- कोटा ई-बसें तीन मार्गों पर दौड़ना शुरू हुईं।
- पीएम ई-बस सेवा के तहत शहर को मिलेंगी 100 बसें।
- गुलाबी ई-बसों में CCTV, पैनिक बटन और हाइड्रोलिक लिफ्ट जैसी सुविधाएं।
PM e-bus service launched in Kota : कोटा शहर के सार्वजनिक परिवहन में मंगलवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहर की सड़कों पर गुलाबी रंग की इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर से वर्चुअल माध्यम से बसों को हरी झंडी दिखाई।

कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, जिला कलक्टर पीयूष समारिया और नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने भी बसों को रवाना किया।
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जैसे ही नई ई-बसें सड़कों पर उतरीं, लोगों की नजरें इन पर टिक गईं। आकर्षक गुलाबी रंग और आधुनिक डिजाइन वाली बसों को देखकर शहरवासियों में इनके सफर को लेकर उत्सुकता भी नजर आई।
तीन रूट से शुरुआत, आगे 20 मार्गों का लक्ष्य
शुरुआत में ई-बस सेवा शहर के तीन मार्गों पर शुरू की गई है। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि यात्रियों को जल्द ही करीब 5 से 10 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में शहर के लगभग 20 रूटों पर पीएम ई-बसों का संचालन प्रस्तावित है।
कोटा बस सर्विस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एवं जिला कलक्टर पीयूष समारिया के अनुसार, कोटा को कुल 100 पीएम ई-बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से 48 बसें शहर पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी 52 बसों के भी जल्द आने की उम्मीद है।
जिन बसों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, उनका संचालन शुरू कर दिया गया है। शेष बसों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जाएगा। सभी बसों के संचालन में आने के बाद शहर में 20 रूट का ई-बस नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
कम किराया और प्रदूषण में कमी पर जोर
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि ई-बसों से यात्रियों को किफायती किराए में बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम है।
दिलावर ने कहा कि पेट्रोल और डीजल आधारित परिवहन पर निर्भरता कम होने से शहर में प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे स्वच्छ परिवहन और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।
सुरक्षा के लिए आधुनिक इंतजाम
नई ई-बसों में यात्रियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम आयुक्त एवं कोटा बस सर्विस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि प्रत्येक बस में सात CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा, जिससे बस में यात्रियों की सुरक्षा पर नजर रखी जा सकेगी।
हर सीट के नीचे पैनिक बटन की सुविधा भी दी गई है। किसी यात्री को अचानक परेशानी होने पर वह इस सुविधा के जरिए तत्काल मदद मांग सकेगा।
दिव्यांग और वरिष्ठ यात्रियों के लिए विशेष सुविधा
ई-बसों में गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में हाइड्रोलिक लिफ्ट भी लगाई गई है।
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इससे व्हीलचेयर के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में आसानी होगी। आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं के साथ कोटा की नई ई-बस सेवा शहर के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



