पीएम-कुसुम से किसान बने ‘ऊर्जादाता’, राजस्थान में बढ़ी सौर ताकत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि योजना किसानों को केवल सौर ऊर्जा ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय और आत्मनिर्भरता का अवसर भी दे रही है। राजस्थान में 5 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता के 2,300 से ज्यादा सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं और 26 जिलों के 3.34 लाख से अधिक किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली मिल रही है।

  • पीएम-कुसुम योजना: 5 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता के 2,300 से ज्यादा सौर संयंत्र स्थापित।
  • दिन में बिजली: 26 जिलों के 3.34 लाख से अधिक किसानों को कृषि के लिए बिजली उपलब्ध।
  • हरित ऊर्जा: फीडर स्तर के सौर संयंत्रों की क्षमता में राजस्थान देश में पहले स्थान पर।

PM-KUSUM Boosts Solar Power and Farmer Income in Rajasthan : राजस्थान में किसानों के लिए सौर ऊर्जा अब सिर्फ बिजली का विकल्प नहीं रह गई है। यह खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी और आत्मनिर्भरता का जरिया भी बन रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से संवाद के दौरान इस बदलाव को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है। पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और पीएम-कुसुम जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और सी के तहत राजस्थान में अब तक 5 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता के 2,300 से ज्यादा सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं। फीडर स्तर पर स्थापित सौर संयंत्रों की क्षमता के मामले में प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है।

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राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल 26 जिलों में 3 लाख 34 हजार से अधिक किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है। सरकार का कहना है कि जल्द ही यह सुविधा प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाई जाएगी।

बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 400, 220 और 132 केवी के 61 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी के 498 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 12,400 मेगावाट ऑवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने वाली परियोजनाओं पर भी काम जारी है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये की गई है। किसानों को बिजली बिलों में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी दिया जा चुका है।

इसके साथ ही राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा उत्पादक किसानों से सीधे उनके अनुभव जाने। किसानों ने बताया कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उनकी आय और ऊर्जा सुरक्षा को किस तरह सहारा मिला है। कार्यक्रम में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नगर, अधिकारी और सौर ऊर्जा उत्पादक किसान मौजूद रहे। जोधपुर, बीकानेर और अजमेर से भी किसान और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।

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