ओडिशा में गूंजा राजस्थान का नाम : भुवनेश्वर में प्रवासी राजस्थानी मीट में उमड़ा उद्योग जगत

भुवनेश्वर में आयोजित प्रवासी राजस्थानी मीट में राजस्थानियों, उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उत्साह से भाग लिया। राजस्थान सरकार ने निवेश के अवसर, औद्योगिक नीतियां और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। वन-टू-वन बैठकों में होटल, आईटी, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, धातु और खनन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई।

  • प्रवासी राजस्थानी मीट में 300 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी।
  • भुवनेश्वर में उद्योगपतियों से राजस्थान में निवेश पर संवाद।
  • निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसरों पर वन-टू-वन बैठकें।

Rajasthan’s name echoed in Odisha : राजस्थान सरकार की ओर से प्रवासी राजस्थानियों को राज्य की विकास यात्रा से जोड़ने और निवेश के नए रास्ते तलाशने के लिए भुवनेश्वर में प्रवासी राजस्थानी मीट का आयोजन किया गया। होटल मेफेयर कन्वेंशन में हुए कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानी समुदाय के साथ उद्योग, व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग एवं वाणिज्य तथा DOIT&C के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त एवं DOIT&C की विशेष सचिव डॉ. मनीषा अरोड़ा के अलावा BIP राजस्थान, रीको तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

मीट के जरिए सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों के साथ सीधे संवाद करते हुए राज्य में कारोबार और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में यह संदेश देने पर जोर रहा कि राजस्थान से बाहर रह रहे लोग भी प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में सक्रिय भागीदार बन सकते हैं।

निवेश के लिए राजस्थान को बताया अनुकूल गंतव्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिखर अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और निवेशक अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से प्रदेश में उपलब्ध कारोबारी संभावनाओं का लाभ उठाने और राज्य के विकास में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आगामी 10 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया।

मीट के दौरान राजस्थान की औद्योगिक नीतियों, निवेश के विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों के लिए किए जा रहे सुधारों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इससे प्रतिभागियों को राज्य में निवेश से जुड़ी संभावनाओं और सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को समझने का अवसर मिला।

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उद्योग जगत ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी. चंद्रु और प्रमुख प्रवासी उद्योगपति सुभाष चंद भूरा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने उद्योग जगत से जुड़े अपने अनुभवों और कारोबारी यात्रा के बारे में जानकारी दी।

इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रवासी राजस्थानियों का सम्मान भी किया गया। इससे कार्यक्रम में शामिल प्रवासी समुदाय के बीच जुड़ाव और भागीदारी की भावना को मजबूती मिली।

ओडिशा से राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने राजस्थान और ओडिशा के बीच औद्योगिक सहयोग तथा आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार रखे। दोनों राज्यों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया।

वन-टू-वन बैठकों में निवेश पर फोकस

प्रवासी राजस्थानी मीट के बाद शिखर अग्रवाल ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में बातचीत का फोकस राजस्थान में नए निवेश, कारोबार के विस्तार और संभावित व्यावसायिक साझेदारी पर रहा।

होटल और रिसॉर्ट, आईटी, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, धातु और खनन समेत कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने राजस्थान में कारोबारी संभावनाओं पर चर्चा की। उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से जुड़े विस्तार और निवेश प्रस्तावों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

सरकार और उद्योग जगत के बीच इस तरह का सीधा संवाद निवेशकों की जरूरतों को समझने और संभावित परियोजनाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मददगार माना जा रहा है।

प्रवासी राजस्थानियों को विकास से जोड़ने की पहल

राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित यह मीट राज्य और देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों के बीच संपर्क मजबूत करने की पहल का हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए सरकार निवेश के साथ-साथ प्रवासी समुदाय के अनुभव, नेटवर्क और विशेषज्ञता को राजस्थान के विकास से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

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भुवनेश्वर की मीट में हुई चर्चाओं से यह भी सामने आया कि प्रवासी समुदाय और उद्योग जगत राजस्थान में निवेश की संभावनाओं को लेकर रुचि रखता है। अब इन संवादों से निकलने वाले प्रस्तावों को किस तरह वास्तविक परियोजनाओं में बदला जाता है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।

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