सौर ऊर्जा में राजस्थान की बड़ी छलांग, ISA के साथ बनी ऐतिहासिक साझेदारी
राजस्थान ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल करते हुए इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के साथ फ्रेमवर्क फॉर एक्शन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी से सौर ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, एआई आधारित बिजली प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में वर्ष 2035 तक ऊर्जा बदलाव की व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी।
- राजस्थान ISA के साथ समझौता करने वाला देश का पहला राज्य बना।
- सौर ऊर्जा और एआई तकनीक से बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाया जाएगा।
- ISA साझेदारी के तहत ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड और ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
Rajasthan’s giant leap in solar energy : राजस्थान ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के साथ फ्रेमवर्क फॉर एक्शन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसे ISA ने इस तरह की रणनीतिक साझेदारी के लिए चुना है। यह पहल आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा के विस्तार और आधुनिक बिजली व्यवस्था के विकास की दिशा में अहम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग की ओर से ऊर्जा सचिव आरती डोगरा और ISA के महानिदेशक आशीष खन्ना ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से सौर ऊर्जा आज वैश्विक स्तर पर जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है और भारत जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साझेदारी के तहत राज्य के लिए वर्ष 2030 से 2035 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक ऊर्जा परिवर्तन योजना तैयार होगी। इसमें सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क, वितरण व्यवस्था, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा दक्षता पर विशेष फोकस रहेगा।
यह भी पढ़ें ; OPPO Reno 16 सीरीज लॉन्च, AI कैमरा और दमदार फीचर्स पर बड़ा दांव
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बिजली ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ेगी, उसी अनुपात में आधुनिक तकनीकों को भी अपनाना होगा। ऊर्जा भंडारण, डिमांड मैनेजमेंट, डिजिटलाइजेशन और स्मार्ट ग्रिड जैसी व्यवस्थाएं बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और प्रभावी बनाएंगी। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाली और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां उसे अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाती हैं। राज्य की इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी के तहत 125 गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पीएम कुसुम योजना के माध्यम से 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और चार गीगावॉट से अधिक सौर क्षमता विकसित की जा चुकी है।
ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ नई तकनीकों को तेजी से अपनाने पर काम कर रही है। इस समझौते के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान लागू किए जाएंगे, जिससे बिजली सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में सुधार होगा।
ISA के महानिदेशक आशीष खन्ना ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है जिसके साथ इस प्रकार का फ्रेमवर्क फॉर एक्शन तैयार किया गया है। उन्होंने राज्य की ऊर्जा नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों के कारण राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
समझौते के तहत अजमेर विद्युत वितरण निगम में डिजिटल ट्विन तकनीक पर आधारित पायलट परियोजना भी शुरू की जाएगी। इसके जरिए बिजली मांग का अधिक सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा, ग्रिड संचालन बेहतर होगा, नवीकरणीय ऊर्जा का समावेशन आसान बनेगा और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। साथ ही राज्य के इंजीनियरों और अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग भी मिलेगा।
यह भी पढ़ें ; दिल्ली में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने निर्मला सीतारमण से की मुलाकात
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की और अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के साथ पीएम कुसुम योजना, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, आरडीएसएस और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की प्रगति तेज करने पर भी जोर दिया। बारिश के मौसम में विद्युत सुरक्षा और सभी वर्गों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।



