स्वास्थ्य भवन में रक्तदान शिविर, अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया संकल्प

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने शिविर का उद्घाटन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ ली। अब तक प्रदेश में 30 हजार से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित किया जा चुका है। राठौड़ ने रक्त के समयबद्ध और जरूरतमंद मरीजों तक समुचित उपयोग पर जोर दिया।

  • रक्तदान शिविर: स्वास्थ्य भवन में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर शिविर का आयोजन।
  • स्वैच्छिक रक्तदान: अधिकारियों-कर्मचारियों ने रक्तदान की शपथ ली, खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने स्वयं रक्तदान किया।
  • 30 हजार यूनिट रक्त: 17 सितंबर से राजस्थान में जारी अभियानों के तहत अब तक 30 हजार से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित।

Rajasthan Blood Donation Drive : राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर स्वास्थ्य भवन में आयोजित रक्तदान शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ भी दिलाई।

शिविर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने स्वयं रक्तदान कर अन्य कर्मचारियों को भी इस सामाजिक कार्य के लिए प्रेरित किया। मौके पर रक्तदान को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला।

यह भी पढ़ें : आयुष्मान की पसंद: कहानी पहले, निर्देशक बाद में

गायत्री राठौड़ ने बताया कि 17 सितंबर को विकसित भारत-जनसेवा अभियान के शुभारंभ के अवसर पर हुए रक्तदान शपथ कार्यक्रम में राजस्थान की भागीदारी देश में सबसे अधिक रही। उन्होंने बताया कि देशभर में रक्तदान की शपथ लेने वालों में राजस्थान की हिस्सेदारी 50.4 प्रतिशत रही। इसके बाद से प्रदेश में लगातार रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और अब तक 30 हजार से ज्यादा यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में रक्त संग्रहित होने के साथ अब इसके व्यवस्थित उपयोग पर भी ध्यान देना जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रक्त की निर्धारित उपयोग अवधि को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

यह भी पढ़ें : यूपीएससी चयन में बड़े बदलाव की तैयारी

स्वास्थ्य भवन में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए लगाए गए स्टॉल का भी प्रमुख शासन सचिव ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच भी उतनी ही जरूरी है।

राठौड़ ने निदेशालय स्तर पर हर तीन महीने में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए। महिला कर्मचारियों के लिए जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समय-समय पर स्क्रीनिंग व परामर्श सत्र कराने को भी कहा।

Related Articles

Back to top button