सीमावर्ती इलाकों के विकास पर बड़ा फोकस, पलायन रोकने के लिए सरकार का नया प्लान

राजस्थान सरकार ने थार सीमा क्षेत्र, डांग, मगरा और मेवात विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए सीमावर्ती जिलों में रोजगार, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने समयबद्ध विकास कार्यों, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और पलायन रोकने के लिए सभी परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।

  • सीमावर्ती इलाकों में रोजगार और विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता।
  • थार सीमा क्षेत्र सहित डांग, मगरा और मेवात योजनाओं की हुई समीक्षा।
  • पलायन रोकने और विकास कार्य समय पर पूरे करने के दिए निर्देश।

Major focus on the development of border areas : राजस्थान सरकार ने सीमावर्ती और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को पंत कृषि भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम तथा डांग, मगरा और मेवात क्षेत्रीय विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए।

सीमावर्ती इलाकों के विकास पर बड़ा फोकस, पलायन रोकने के लिए सरकार का नया प्लान
Image Source : Via Dipr

बैठक में मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में पलायन रोकना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, शिक्षण संस्थानों को मजबूत करना और आधारभूत ढांचे का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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समीक्षा के दौरान वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न योजनाओं के बजट और स्वीकृत कार्यों की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 150 करोड़ रुपये तथा डांग, मगरा और मेवात क्षेत्रीय विकास योजनाओं के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत राशि संबंधित जिलों को आवंटित की जा चुकी है, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत फलौदी, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बाड़मेर के लिए 128 करोड़ रुपये की लागत से 776 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। वहीं मगरा क्षेत्र में 74.62 करोड़ रुपये के 1309 कार्य, मेवात क्षेत्र में 69.20 करोड़ रुपये के 926 कार्य और डांग क्षेत्र में 82.92 करोड़ रुपये के 1253 विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने अधिकारियों को बजट का पारदर्शी और वित्तीय अनुशासन के साथ उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

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बैठक के बाद मंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग की अन्य प्रमुख योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राजीविका, सांसद एवं विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम सहित कई योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्यों, बजट घोषणाओं और परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

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