पोप लियो XIV से मिले मुख्य सचिव
वेटिकन सिटी में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पोप लियो XIV से मुलाकात की। पोप ने राजस्थान और भारत की प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं। बातचीत में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मानवीय उपयोग पर जोर दिया गया। पोप ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए और सार्वजनिक प्रशासन में इसके जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए नैतिक ढांचा जरूरी है।
- पोप लियो XIV ने राजस्थान और भारत के विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वेटिकन सिटी में पोप से मुलाकात की।
- डिजिटल तकनीक और एआई के मानवीय व जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया गया।
Chief Secretary met Pope Leo XIV : राजस्थान के मुख्य सचिव और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (आईआईएएस) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV से मुलाकात की। इस दौरान आईआईएएस के 520 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पोप के ‘स्पेशल ब्लेसिंग’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मुलाकात के दौरान पोप लियो XIV ने राजस्थान और भारत के विकास एवं प्रगति के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। श्रीनिवास ने इस मुलाकात को गौरवपूर्ण और यादगार अनुभव बताते हुए मानवता की सेवा के लिए पोप के वैश्विक प्रयास ‘मैग्निफिका ह्यूमैनिटास’ में आईआईएएस की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
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पोप ने आईआईएएस के सदस्यों को संबोधित करते हुए डिजिटल तकनीक को आम लोगों की सेवा का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए उसके मानवीय पक्ष पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि शासन और तकनीकी विकास के केंद्र में मानव कल्याण होना चाहिए। निजी हितों के लिए मानव परिवार की भलाई से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव पर भी पोप ने चिंता जताई। उन्होंने तकनीक के संतुलित और जिम्मेदार इस्तेमाल की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एआई मानवता की सेवा करे, न कि इंसान अपने ही बनाए आविष्कारों के नियंत्रण में आ जाए।
उन्होंने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को पूरी तरह मशीनों पर छोड़ने के प्रति सावधानी बरतने की बात कही और मानव बुद्धिमत्ता की अहम भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही डिजिटल तकनीकों के मानवीय उपयोग के लिए प्रभावी नैतिक ढांचा तैयार करने की जरूरत बताई।
पोप ने आईआईएएस को इस विषय पर शोध और प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सार्वजनिक प्रशासन में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल इस तरह करने का संदेश दिया, जिससे वह मानव जीवन और शांति की सेवा का माध्यम बने।
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गौरतलब है कि वी. श्रीनिवास जून 2025 में आईआईएएस के पहले भारतीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। रोम की सैपिएंजा यूनिवर्सिटी में आयोजित 51वें ईजीपीए वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने आईआईएएस अध्यक्ष के रूप में संबोधन भी दिया। सम्मेलन के अंतिम दिन पोप से हुई मुलाकात ने उनकी रोम यात्रा को एक खास और यादगार पड़ाव दिया।



