राजस्थान निकाय चुनाव 2026: BJP का बड़ा निर्देश
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का अंतिम ब्योरा तय समय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के अनुसार, प्रत्याशियों को बिल, वाउचर और जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में खर्च का विवरण संबंधित अधिकारी के पास 28 सितंबर तक प्रस्तुत करना होगा।
- राजस्थान निकाय चुनाव 2026: प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्योरा देना अनिवार्य।
- BJP निर्देश: 28 सितंबर तक अंतिम चुनावी खर्च जमा कराने को कहा।
- चुनावी खर्च सीमा: निकाय के अनुसार ₹1.50 लाख से ₹3.50 लाख तक की सीमा बताई गई।
Rajasthan Civic Polls 2026: BJP Sets September 28 Deadline: राजस्थान में निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा संगठन ने अपने प्रत्याशियों को चुनावी खर्च से जुड़े दस्तावेज जल्द जमा कराने के लिए कहा है। पार्टी के विधि प्रकोष्ठ ने निकाय प्रभारियों, जिलाध्यक्षों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को इस संबंध में पत्र भेजकर निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
पार्टी की ओर से दिए गए विवरण के मुताबिक, निकाय चुनाव के परिणाम 14 सितंबर 2026 को घोषित हुए थे। ऐसे में परिणाम घोषित होने के बाद निर्धारित 15 दिन की अवधि के आधार पर प्रत्याशियों को 28 सितंबर 2026 तक अपना अंतिम चुनावी खर्च जमा करना होगा।
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उदयपुर संभाग में भी भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संभाग प्रभारी अशोक सिंघवी ने प्रत्याशियों को समय सीमा का ध्यान रखने के लिए कहा है। संगठन स्तर पर जिलाध्यक्षों और निकाय प्रभारियों को भी अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों तक यह जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
बिल-वाउचर के साथ जमा करना होगा विवरण
निर्देश के अनुसार प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार और अन्य संबंधित खर्चों के मूल रिकॉर्ड संभालकर रखने होंगे। खर्च का विवरण निर्धारित ‘प्रारूप-क’ में तैयार करने के साथ संबंधित बिल, वाउचर और आवश्यक साक्ष्य भी संलग्न करने होंगे।
इसके बाद पूरी फाइल संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित समय के भीतर जमा करनी होगी। पार्टी ने उम्मीदवारों से अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है।
निकाय के हिसाब से खर्च की सीमा
विधि प्रकोष्ठ की ओर से साझा किए गए विवरण में अलग-अलग निकायों के लिए अधिकतम चुनावी खर्च की सीमा इस प्रकार बताई गई है:
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नगर निगम: ₹3,50,000 तक
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नगर परिषद: ₹2,50,000 तक
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नगर पालिका: ₹1,50,000 तक
समय सीमा चूकने पर कार्रवाई का संकेत
पार्टी के पत्र में प्रत्याशियों को निर्धारित समय में खर्च का हिसाब जमा करने की जरूरत पर जोर दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि समय सीमा का पालन नहीं करने पर निर्वाचन नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई या अयोग्यता जैसे परिणाम सामने आ सकते हैं।
अब भाजपा के प्रत्याशियों के सामने अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया अपने चुनावी खर्च का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर संबंधित अधिकारी के समक्ष जमा कराने की है। इसमें खर्च से जुड़े दस्तावेजों की उपलब्धता और निर्धारित प्रारूप में सही जानकारी देना अहम रहेगा।



