अरनोद में वोटिंग का जोश, भीलवाड़ा में सुस्ती

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में 162 निकायों में 76.41 प्रतिशत मतदान हुआ। छोटी नगर पालिकाओं में मतदाताओं की भागीदारी बड़े शहरों से अधिक रही। अरनोद में रिकॉर्ड 91.98 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जबकि भीलवाड़ा नगर निगम 63.84 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। दोनों के बीच 28.14 प्रतिशत अंक का बड़ा अंतर सामने आया।

  • 162 निकायों में 76.41% मतदान, 43.95 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने डाला वोट।
  • अरनोद में सबसे ज्यादा मतदान, 91.98 प्रतिशत वोटिंग के साथ रहा अव्वल।
  • भीलवाड़ा नगर निगम में सबसे कम मतदान, सिर्फ 63.84 प्रतिशत दर्ज हुआ।

Rajasthan Civic Polls:  राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने कुल मिलाकर अच्छा उत्साह दिखाया। बुधवार को 162 शहरी निकायों में हुए मतदान के बाद निर्वाचन विभाग ने गुरुवार सुबह अंतिम आंकड़े जारी किए। इनके मुताबिक 57 लाख 52 हजार 280 मतदाताओं में से 43 लाख 95 हजार 488 ने मतदान किया। इस तरह कुल मतदान प्रतिशत 76.41 रहा।

पहले चरण की सबसे खास तस्वीर छोटे निकायों से सामने आई। प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में सबसे अधिक 91.98 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां कुल 5,190 मतदाताओं में से 4,774 ने वोट डाला। यानी करीब हर दस में से नौ मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचा।

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अरनोद के बाद भीलवाड़ा जिले की बीगोद नगर पालिका में 91.85 प्रतिशत और धौलपुर जिले की सैपऊ नगर पालिका में 90.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। डीग जिले की पहाड़ी नगर पालिका भी पीछे नहीं रही और यहां 90.36 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

दूसरी ओर, भीलवाड़ा नगर निगम में मतदान को लेकर अपेक्षाकृत कम उत्साह नजर आया। यहां 2 लाख 96 हजार 682 मतदाताओं में से 1 लाख 89 हजार 390 ने मतदान किया। निर्वाचन विभाग के अनुसार मतदान प्रतिशत 63.84 रहा, जो पहले चरण के सभी निकायों में सबसे कम है।

बड़े नगर निगमों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर एक जैसी नहीं रही। अलवर नगर निगम में 65.75 प्रतिशत, बीकानेर नगर निगम में 68.97 प्रतिशत और भरतपुर नगर निगम में 73.68 प्रतिशत मतदान हुआ। इससे साफ है कि बड़े शहरों में भी मतदाता भागीदारी अलग-अलग रही।

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जयपुर जिले के किशनगढ़-रेनवाल में 83.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले की कुछ अन्य नगर पालिकाओं में भी मतदान 87 से 89 प्रतिशत के बीच रहा। इससे संकेत मिलता है कि स्थानीय निकायों में चुनावी भागीदारी का स्तर सिर्फ शहर के आकार पर निर्भर नहीं रहा।

सबसे अधिक मतदान वाले अरनोद और सबसे कम मतदान वाले भीलवाड़ा नगर निगम के बीच 28.14 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। यह बड़ा फासला बताता है कि पहले चरण में अलग-अलग निकायों में स्थानीय मुद्दों, चुनावी माहौल और मतदाताओं की सक्रियता का असर मतदान प्रतिशत पर दिखाई दिया।

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