राजस्थान निकाय चुनाव में 70% पार वोटिंग, छोटे शहर आगे
राजस्थान में निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को 147 नगरीय निकायों के लिए मतदान हुआ। शाम छह बजे तक 70.01 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। धोरीमन्ना में सबसे ज्यादा 91.59 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि कोटा नगर निगम में यह आंकड़ा 57.02 प्रतिशत रहा। अब 14 सितंबर को मतगणना के साथ प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा।
- निकाय चुनाव में 70.01 प्रतिशत हुआ मतदान
- धोरीमन्ना में सबसे ज्यादा 91.59% वोटिंग
- 14 सितंबर को खुलेगा प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा
Voter turnout exceeds 70% in Rajasthan civic polls : राजस्थान में शहरी सरकार चुनने के लिए शुक्रवार को हुए निकाय चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदेश के 147 नगरीय निकायों में मतदान पूरा होने के साथ ही चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। अब नतीजों का इंतजार है।
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शाम छह बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 70.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 87,63,595 मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत थे। इनमें से 61,35,153 लोगों ने मतदान किया। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
इस चरण में छोटे नगरों ने मतदान के मामले में बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया। बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगर पालिका में सबसे अधिक 91.59 प्रतिशत वोटिंग हुई। हनुमानगढ़ की गोलूवाला नगर पालिका में 90.03 प्रतिशत, बारां की बारोडामेव नगर पालिका में 89.79 प्रतिशत और कोटपूतली-बहरोड़ की कोटकासिम नगर पालिका में 89.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
वहीं बड़े नगर निगमों में मतदान का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम रहा। कोटा नगर निगम में 57.02 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो उपलब्ध आंकड़ों में सबसे कम रही। जयपुर नगर निगम में 62.88 प्रतिशत और अजमेर नगर निगम में 63.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
मतदान केंद्रों पर लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था भी दिखाई दी। बुजुर्ग मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने में कई जगह पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों ने मदद की। महिलाएं भी बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचीं। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में भी अपने मताधिकार के इस्तेमाल को लेकर खासा उत्साह रहा।
हालांकि कुछ मतदान केंद्रों पर विवाद की घटनाएं, फर्जी मतदान की शिकायतें और तकनीकी परेशानियां सामने आईं, लेकिन इन घटनाओं के बीच मतदान प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं संभाली गईं।
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दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही अब चुनावी तस्वीर 14 सितंबर को स्पष्ट होगी। इसी दिन मतगणना होगी और परिणाम सामने आएंगे। इसके बाद तय होगा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में जनता ने किसे शहरी सरकार की जिम्मेदारी सौंपी है।



