निष्पक्ष चुनाव के लिए एक्शन मोड में निर्वाचन आयोग, पर्यवेक्षकों को मिले सख्त निर्देश

राजस्थान में नगर निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने पर्यवेक्षकों से चुनाव प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने, जिला प्रशासन के साथ समन्वय करने और आचार संहिता के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में दो चरणों में मतदान होगा।

  • नगर निकाय चुनाव-2026 में 309 नगरीय निकायों पर नजर।
  • पर्यवेक्षकों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश।

Election Commission in action mode for fair elections : राजस्थान में नगर निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर निर्वाचन आयोग ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को शासन सचिवालय में पर्यवेक्षकों की प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

निष्पक्ष चुनाव के लिए एक्शन मोड में निर्वाचन आयोग, पर्यवेक्षकों को मिले सख्त निर्देश
Image Source : Via Dipr

बैठक में पर्यवेक्षकों को अपने-अपने आवंटित जिलों में चुनावी तैयारियों का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिए कहा गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पर्यवेक्षक जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर निर्वाचन से जुड़े आंकड़ों और व्यवस्थाओं की जानकारी लें। इसके साथ ही नगरीय निकायों का दौरा कर जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर से सीधे समन्वय स्थापित करें।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव के दौरान पर्यवेक्षकों को पूरी तरह सतर्क रहना होगा। निर्वाचन प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखने के साथ आवश्यक रिपोर्ट समय पर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाया जा सके।

दो चरणों में होगी पर्यवेक्षण व्यवस्था

नगर निकाय चुनाव में पर्यवेक्षण की व्यवस्था भी दो चरणों में रहेगी। पहला चरण 7 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक चलेगा और सदस्य पद की मतगणना पूरी होने तक पर्यवेक्षण जारी रहेगा। इसके बाद दूसरा चरण 21 सितंबर से 22 सितंबर 2026 तक रहेगा, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।

आचार संहिता पर रहेगी पैनी नजर

बैठक में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी स्पष्ट प्रक्रिया बताई गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि यदि किसी पर्यवेक्षक के संज्ञान में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला आता है तो इसकी जानकारी तत्काल जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर को दी जाए।

यदि स्थानीय स्तर पर मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है, तो प्रकरण राज्य निर्वाचन आयोग के सामने रखा जाएगा। मामले की गंभीरता के आधार पर आयोग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

9 और 11 सितंबर को मतदान

प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में नगर निकाय आम चुनाव-2026 के तहत दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। चुनावी प्रक्रिया को लेकर आयोग ने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया।

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प्रशिक्षण बैठक में पर्यवेक्षकों को उनके दायित्व, निर्वाचन नियमों और चुनाव के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई। बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि विभिन्न जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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