राजस्थान निकाय चुनाव: दूसरे चरण में वोटिंग
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए शुक्रवार को मतदान जारी है। प्रदेश के 147 निकायों के 4,774 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं से भी खास आग्रह किया गया है।
- राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण में मतदान जारी
- नगर निकाय चुनाव 2026 में 147 निकायों के 4,774 वार्ड
- सीएम भजनलाल शर्मा और दीया कुमारी ने की वोट की अपील
Rajasthan Civic Polls: Voting Underway: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार को मतदाता अपने घरों से निकलकर मतदान केंद्रों का रुख कर रहे हैं। यह चरण चुनाव का अंतिम चरण है और प्रदेश के 147 निकायों के कुल 4,774 वार्डों में मतदान हो रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर मत शहर के विकास, बेहतर सुविधाओं और भविष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से मतदान के दिन घर से निकलकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
सीएम ने पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं को भी खास तौर पर संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से उत्साह के साथ मतदान प्रक्रिया में शामिल होने और अपने परिवार, दोस्तों तथा परिचितों को भी वोट डालने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
वहीं, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान करने को कहा। उन्होंने अपने संदेश में ‘पहले मतदान, फिर जलपान’ का नारा देते हुए लोकतंत्र में लोगों की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया।
दीया कुमारी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। उनका संदेश साफ था कि दिन की शुरुआत मतदान से हो और इसके बाद ही दूसरे काम किए जाएं।
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राजस्थान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने भी मतदाताओं से इसी अपील को दोहराते हुए ‘पहले मतदान, फिर जलपान’ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वोट लोकतंत्र को मजबूत करने के साथ शहर के विकास, सुशासन, बेहतर सुविधाओं और उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने में योगदान देता है।
नगर निकाय चुनाव के इस अंतिम चरण में अब मतदाताओं की भागीदारी पर नजर है। राजनीतिक दलों के लिए भी यह चरण अहम माना जा रहा है, क्योंकि स्थानीय निकायों में मतदाताओं का फैसला आने वाले समय में शहरों की स्थानीय राजनीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर असर डाल सकता है।



