राजस्व चोरी पर सख्ती के संकेत, सीएम ने दिए बड़े निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व अर्जन से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में कर चोरी, अवैध खनन, अवैध शराब और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी व्यवस्था और पूरे वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण की रफ्तार बनाए रखने पर जोर देते हुए जनकल्याण के लिए राजस्व को आधार बताया।

  • राजस्व चोरी रोकने के लिए तकनीक और सख्त कार्रवाई के निर्देश।
  • राजस्व संग्रहण में पूरे वित्तीय वर्ष समान गति बनाए रखने पर जोर।
  • मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध शराब और अवैध वाहनों पर कार्रवाई तेज करने को कहा।

Signs of a crackdown on revenue evasion : राजस्थान सरकार ने राजस्व संग्रहण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास और जनकल्याण की योजनाओं का आधार मजबूत राजस्व व्यवस्था है, इसलिए कर चोरी और राजस्व नुकसान को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजस्व चोरी पर सख्ती के संकेत, सीएम ने दिए बड़े निर्देश
Image Source : Via Dipr

राजस्व अर्जन से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही से लेकर अंतिम तिमाही तक राजस्व संग्रहण की गति लगातार बनी रहनी चाहिए। उन्होंने लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।

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मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिकॉय ऑपरेशन चलाकर टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही, अन्य राज्यों की सफल कर प्रणालियों का अध्ययन कर उनकी बेहतर व्यवस्थाओं को राजस्थान में भी लागू करने की बात कही।

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उन्होंने अधिकारियों को लंबित न्यायालयीन मामलों की प्रभावी पैरवी करने और जीएसटी रिटर्न फाइलिंग अनुपालन को सख्ती से लागू कराने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से राजस्व संग्रहण को और मजबूत बनाया जा सकता है।

बैठक में अवैध गतिविधियों पर भी विशेष फोकस रहा। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को अवैध शराब के कारोबार पर कठोर कार्रवाई करने और जब्त वाहनों के मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, खान एवं पेट्रोलियम विभाग को अवैध खनन रोकने के लिए ई-रवन्ना प्रणाली में जीपीएस और सीसीटीवी आधारित निगरानी को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

परिवहन विभाग को बिना पंजीकरण संचालित वाहनों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने को कहा गया। साथ ही, अपंजीकृत वाहन बॉडी निर्माण इकाइयों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग को निर्माण कार्यों पर देय सेस की नियमित वसूली और उसकी मासिक समीक्षा करने के लिए कहा गया।

मुख्यमंत्री ने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को जियो टैगिंग के उपयोग को बढ़ावा देने तथा भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नई आवासीय योजनाओं में पेयजल, सीवरेज, बिजली, पार्क और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की भी बात कही।

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बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में प्रदेश को 33,969 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.54 प्रतिशत अधिक है। फर्जी करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई, फेसलेस स्क्रूटनी, ई-पंजीयन और जीपीएस आधारित निगरानी जैसी व्यवस्थाओं से राजस्व संग्रहण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाया जा रहा है।

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