राज उन्नति बैठक में सीएम के सख्त निर्देश, विकास कार्यों पर अब होगी कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की आठवीं बैठक में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं और योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिला कलेक्टरों को जलभराव, टूटी सड़कों, बिजली, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का तेजी से समाधान करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने और लापरवाही करने वाले कार्मिकों व ठेकेदारों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
- राज उन्नति बैठक: करीब 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं और योजनाओं की समीक्षा।
- सड़क और जलभराव: मानसून से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच।
- पीएम सूर्यघर योजना: मार्च 2027 तक शेष प्लांट लगाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर।
Rajasthan CM Pushes Faster Action on Development Projects : राजस्थान में विकास कार्यों को लेकर सरकार ने निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की आठवीं बैठक में अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि आमजन से जुड़ी समस्याओं को टालने के बजाय उनका समय पर समाधान किया जाए।
बैठक में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-ढाणी से लेकर शहर तक लोगों को सड़क, पेयजल, बिजली, सफाई, रोशनी और कचरा संग्रहण जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
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मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जलभराव, सड़क टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं पर अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
सरकार की ओर से सड़क मरम्मत और जरूरी कार्यों के लिए नगर निगमों को 10 करोड़ रुपये, नगर परिषदों को 3 करोड़ रुपये और नगरपालिकाओं को 1 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को समिति बनाकर जरूरत के अनुसार सड़कों, नालियों, पुलियाओं और सड़क किनारों की मरम्मत जल्द कराने को कहा।
उन्होंने प्रमुख रास्तों, बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के साथ खराब स्ट्रीट लाइट तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए। निर्माण कार्यों की मौके पर जांच और गुणवत्ता की नियमित निगरानी पर भी जोर रहा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन को परिवेदनाओं की नियमित समीक्षा करने और अंतर-विभागीय मामलों में बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मानव संसाधन लगाने की बात भी कही गई।
बैठक में करौली नगर परिषद से जुड़ा एक मामला भी सामने आया, जिसमें मुकेश कुमार गुप्ता की आवासीय पट्टे की फाइल गुम हो गई थी। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया गया कि प्रकरण राज उन्नति में दर्ज होने के बाद तत्कालीन सहायक प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया और अब परिवादी को पट्टा जारी कर दिया गया है।
पीएम सूर्यघर योजना में मार्च 2027 की समयसीमा
मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में करीब तीन लाख प्लांट लगाए जा चुके हैं। शेष प्लांट मार्च 2027 तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बैंक ऋण की सुविधा को आसान बनाने के लिए मुख्य सचिव को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि सौर ऊर्जा के विस्तार से राजस्थान ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।



