बीकानेर हाउस में सजा राजस्थान, तीजोत्सव में उमड़ी भीड़
नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में चल रहे दस दिवसीय तीजोत्सव-2026 में राजस्थान की लोक कला, संस्कृति और खान-पान की रंगत देखने को मिल रही है। नृत्य प्रतियोगिता, क्विज, हस्तशिल्प स्टॉल और राजस्थानी व्यंजनों ने लोगों को आकर्षित किया। शुरुआती तीन दिनों में रूडा और राजीविका के कारीगरों की बिक्री 50 लाख रुपये से अधिक पहुंची, जिससे उत्सव को अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
- तीजोत्सव-2026 में राजस्थानी कला और संस्कृति का रंग।
- बीकानेर हाउस में नृत्य, क्विज और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- राजस्थानी हस्तशिल्प की बिक्री 50 लाख रुपये के पार।
Rajasthan comes alive at Bikaner House : नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस इन दिनों राजस्थान की लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर है। यहां 15 अगस्त से शुरू हुए दस दिवसीय ‘तीजोत्सव-2026’ में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। उत्सव में पारंपरिक खेल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, हस्तशिल्प और राजस्थानी खान-पान लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

सोमवार को आयोजित राजस्थानी नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की श्रेणी में प्रणवी ने पहला, जीनल सहगल ने दूसरा और मनस्वी ने तीसरा स्थान हासिल किया। युवा वर्ग में डिंपल प्रथम, सुमित्रा द्वितीय और अक्षिता तृतीय स्थान पर रहीं।
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विजेता प्रतिभागियों को प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों और युवाओं की प्रस्तुतियों में राजस्थान की पारंपरिक नृत्य शैलियों और लोक भावनाओं की झलक देखने को मिली।
उत्सव में आयोजित क्विज प्रतियोगिता भी लोगों के बीच खासा आकर्षण रही। बच्चों से लेकर बड़े प्रतिभागियों ने राजस्थान की कला, संस्कृति, परंपराओं और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवालों के जवाब दिए। सही उत्तर देने को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह दिखा, वहीं दर्शकों ने भी प्रतियोगिता का आनंद लिया।
प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार ने बताया कि तीजोत्सव को इस तरह तैयार किया गया है कि अलग-अलग आयु वर्ग के लोग यहां मनोरंजन के साथ खरीदारी और राजस्थानी खान-पान का आनंद ले सकें। उन्होंने बताया कि मेले के शुरुआती तीन दिनों में ही हजारों लोग पहुंच चुके हैं।
मेले में राजस्थान से आए कारीगरों के उत्पादों की बिक्री भी अच्छी रही। रूडा और राजीविका से जुड़े आर्टिजंस की बिक्री 50 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है। इससे हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों और अन्य विक्रेताओं में उत्साह है।
संयुक्त आवासीय आयुक्त रिंकू मीना ने बताया कि आगंतुकों के लिए बीकानेर हाउस में राजस्थान की रंगीन कला-संस्कृति और पर्यटन स्थलों को दर्शाने वाले सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं। वहीं राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए फूड कोर्ट भी लगाया गया है।
राजस्थानी हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राजीविका और रूडा के सहयोग से विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं। यहां आगंतुकों को राजस्थान की पारंपरिक कला और कारीगरों के बनाए उत्पादों की खरीदारी का अवसर मिल रहा है।
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आयोजकों के मुताबिक तीजोत्सव का मकसद राजस्थान की लोक कला, परंपराओं, संस्कृति और खान-पान को दिल्ली के लोगों तक पहुंचाना है। दस दिन चलने वाले इस आयोजन में हर दिन अलग-अलग गतिविधियां रखी गई हैं, जिससे बीकानेर हाउस में राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव लगातार बना हुआ है।



