जयपुर में संदिग्ध मूंगफली तेल सीज, ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई

राजस्थान में ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को प्रदेशभर में कार्रवाई तेज की। जयपुर में 6,900 लीटर संदिग्ध मूंगफली तेल जब्त किया गया, जबकि अलग-अलग जिलों में 1,150 किलो/लीटर अमानक खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। अधिकारियों ने 60 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कुल 101 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए हैं।

  • जयपुर में 6,900 लीटर तेल संदिग्ध मिलने पर सीज किया गया।
  • मिलावट पर वार के तहत 1,150 किलो/लीटर खाद्य सामग्री नष्ट।
  • 60 प्रतिष्ठानों की जांच, 101 खाद्य नमूने लिए गए।

Suspected groundnut oil seized in Jaipur : त्योहारों और बढ़ती खाद्य मांग के बीच राजस्थान में मिलावटखोरी पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चल रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत शनिवार को प्रदेशभर में कई प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण और कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें ; जयपुर में 600 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक मेडिकल इंस्टीट्यूट, 600 बेड का अस्पताल और कॉलेज

सबसे बड़ी कार्रवाई जयपुर में सामने आई, जहां गोविंद नगर स्थित मैसर्स श्री श्याम वेजिटेबल का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्यालय की केंद्रीय टीम ने यहां ‘कुंदन पोस्टमैन’ ब्रांड के रिफाइंड और फिल्टर मूंगफली तेल के नमूने लिए। तेल बाजार भाव से काफी कम कीमत पर बिकता मिलने के बाद अधिकारियों को इसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद करीब 6,900 लीटर तेल सीज कर दिया गया।

विभाग के अनुसार तेल के नमूने जांच के लिए राज्य केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। फिलहाल विभाग ने एहतियात के तौर पर बड़ी मात्रा में तेल को अपने कब्जे में लिया है।

इधर, प्रदेश के दूसरे जिलों में भी कार्रवाई का असर दिखाई दिया। अलग-अलग जगहों पर करीब 1,150 किलो/लीटर दूषित और अमानक खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। उदयपुर में 600 लीटर संदिग्ध दूध नष्ट कराया गया, जबकि कई जिलों में बासी मिठाइयों, मावा, दुग्ध उत्पाद, घी और खाद्य तेल पर कार्रवाई हुई।

यह भी पढ़ें ; जयपुर में UAE मंत्री की पोलो क्लब में खास मुलाकात

मिठाइयों के मामले में जयपुर द्वितीय, सिरोही, सीकर, करौली, पाली, अजमेर, हनुमानगढ़ और अलवर में कुल 265 किलो दूषित एवं बासी मिठाइयां नष्ट कराई गईं। वहीं पाली, खैरथल-तिजारा, भीलवाड़ा और अजमेर में 148 किलो दुग्ध उत्पाद एवं मावा कार्रवाई के दायरे में आए।

बीकानेर में 65 किलो संदिग्ध घी और खाद्य तेल नष्ट कराया गया। इसके अलावा अजमेर, बाड़मेर, हनुमानगढ़ और जोधपुर में 72 किलो अन्य खाद्य सामग्री भी नष्ट कराई गई।

अभियान के तहत प्रदेशभर में 60 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और कुल 101 खाद्य नमूने लिए गए। इनमें 54 प्रवर्तन नमूने और 47 निगरानी नमूने शामिल हैं। विभाग का कहना है कि नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गायत्री राठौड़ ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट और निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई व्यापारी या प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

यह भी पढ़ें ; इथेनॉल पर गहलोत का सरकार पर हमला

यह कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब बाजारों में मिठाई, दूध, घी और तेल जैसे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ रही है। विभाग की सख्ती से कारोबारियों में भी यह संदेश गया है कि खाद्य गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों पर अब सीधे कार्रवाई होगी।

Related Articles

Back to top button