राजस्थान में PNG कनेक्शन पर सरकार का बड़ा फोकस

राजस्थान में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी डीपीएनजी का नेटवर्क तेजी से बढ़ाने की तैयारी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सीजीडी संस्थाओं को आधारभूत सुविधाओं वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से कनेक्शन देने के निर्देश दिए हैं। सरकार की योजना दिसंबर तक 60 नए सीएनजी स्टेशन शुरू करने और सरकारी आवासों को भी डीपीएनजी सुविधा से जोड़ने की है।

  • राजस्थान में रसोई गैस सिलेंडर का झंझट होगा खत्म, 40 हजार परिवारों को मिलेगा डीपीएनजी कनेक्शन।
  • दिसंबर तक प्रदेश में शुरू होंगे 60 नए सीएनजी स्टेशन, सरकारी आवासों में भी डीपीएनजी को प्राथमिकता।
  • एलपीजी से डीपीएनजी में शिफ्टिंग के लिए जिला स्तर पर तेज होगा काम, कनेक्शन प्रक्रिया बनेगी आसान।

Government places major focus on PNG connections in Rajasthan : राजस्थान में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने काम तेज कर दिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सीजीडी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि जहां गैस आपूर्ति की आधारभूत सुविधाएं तैयार हैं, वहां परिवारों को प्राथमिकता से डीपीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं।

राजस्थान में PNG कनेक्शन पर सरकार का बड़ा फोकस
Image Source : Via DIPR

सचिवालय में शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में घरेलू प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार, नए कनेक्शन और सीएनजी स्टेशनों की प्रगति पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि सरकार के विशेष फोकस के चलते करीब साढ़े तीन महीने में 30 सितंबर तक 40 हजार नए परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, तीन महीने में 30 हजार से अधिक परिवार पहले ही इस सुविधा से जुड़ चुके हैं।

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मुख्य सचिव ने कहा कि एलपीजी उपभोक्ताओं को डीपीएनजी की ओर स्थानांतरित करने के लिए सीजीडी और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को जिला स्तर पर समन्वय स्थापित कर एलपीजी कनेक्शनों को डीपीएनजी में बदलने की प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए।

सरकार का फोकस केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानों को भी पीएनजी नेटवर्क से जोड़कर स्वच्छ और हरित ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की योजना है। मुख्य सचिव ने राजकीय आवासों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सीएनजी नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी लक्ष्य तय किया गया। राज्य में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 60 नए सीएनजी स्टेशन शुरू करने की योजना है। मुख्य सचिव ने सीजीडी संस्थाओं से कहा कि दिसंबर तक लक्ष्य हासिल करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर तेजी से काम किया जाए।

खाद्य सचिव रोहित गुप्ता ने बताया कि जिला रसद अधिकारियों को सीजीडी संस्थाओं के साथ समन्वय कर डीपीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि ने बताया कि विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी के चलते बड़ी संख्या में नए परिवारों को डीपीएनजी नेटवर्क से जोड़ा जा सका है। उन्होंने कहा कि सीजीडी संस्थाओं को जरूरी सहयोग और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह ने बैठक में डीपीएनजी और सीएनजी नेटवर्क की प्रगति की जानकारी दी। राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने बताया कि राज्य में 13 सीजीडी संस्थाएं 17 जियोग्राफिकल एरिया में गैस नेटवर्क विकसित कर रही हैं। इनके माध्यम से घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक पीएनजी के साथ सीएनजी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 23 नए सीएनजी स्टेशन, 99 औद्योगिक गैस कनेक्शन और 314 व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बैठक में पेट्रोलियम विभाग, आरएसजीएल, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, प्रदूषण मंडल और सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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