पंचायत चुनाव से पहले जागरूकता अभियान तेज, 10 अक्टूबर को प्रत्याशी प्रबोधन
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता और संभावित प्रत्याशियों के लिए जागरूकता अभियान बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पंचायत समिति स्तर पर 10 अक्टूबर को प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम होंगे। साथ ही युवा, महिला और पहली बार मतदान करने वालों को जोड़ने के लिए विभिन्न स्वीप गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
- पंचायती राज चुनाव: 10 अक्टूबर को पंचायत समिति स्तर पर प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम।
- मतदाता जागरूकता: युवा, महिला और पहली बार वोट देने वालों पर विशेष फोकस।
- स्वीप गतिविधियां: रैली, नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल और हरित बूथ समेत कई कार्यक्रम होंगे।
Rajasthan Gears Up for Panchayat Polls : आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव को देखते हुए राजस्थान में मतदाता जागरूकता अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों को पंचायत समिति स्तर पर विभिन्न स्वीप गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राजेश्वर सिंह ने चुनावी तैयारियों और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 में हुए स्वीप कार्यक्रमों की जानकारी भी ली और आगामी पंचायत चुनावों में किए जाने वाले आयोजनों की रूपरेखा पर चर्चा की।
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बैठक में तय किया गया कि 10 अक्टूबर को पंचायत समिति स्तर पर प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को नामांकन प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और नामांकन पत्र भरते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। संभावित प्रत्याशियों को यह भी बताया जाएगा कि किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र निरस्त हो सकता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि केवल मतदाताओं को जागरूक करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चुनाव लड़ने वाले लोगों को भी चुनाव प्रक्रिया और नियमों की सही जानकारी होनी चाहिए। इससे प्रत्याशी बिना किसी भ्रम के अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे और प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया जा सकेगा।
मतदाताओं को चुनाव से जोड़ने के लिए आयोग ने कई रचनात्मक कार्यक्रमों पर भी जोर दिया है। इनमें ‘एक शाम लोकतंत्र के नाम’, ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’, ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’ और ‘एक खेल लोकतंत्र के नाम’ जैसे अभियान शामिल हैं। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल, युवा मतदाता संवाद और महिला मतदाता संवाद आयोजित किए जाएंगे।
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हर पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक हरित और स्वच्छ मतदान केंद्र विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मतदाता जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल और साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह, मैराथन तथा मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मतदाता साक्षरता क्लबों से जुड़े कैंपस एम्बेसडर छात्र-छात्राओं से भी संवाद किया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने उनसे अब तक आयोजित स्वीप गतिविधियों की जानकारी ली और आगे अधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाई है। पंचायती राज चुनावों में करीब 1.55 लाख जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है। सरपंच और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से जुड़े रहते हैं और स्थानीय विकास तथा ग्रामीण जरूरतों के समाधान में उनकी अहम भूमिका होती है।



