भजनलाल ने राजस्थान को दी 3500 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, 71 ई-बसों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में करीब 3,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में 71 पीएम ई-बसों को भी रवाना किया गया। इनमें जयपुर-भीलवाड़ा की 24 और अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा व उदयपुर की 47 बसें शामिल हैं। साथ ही 1.32 लाख से अधिक श्रमिकों और आश्रितों को 154 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता डीबीटी से दी गई।
- 3500 करोड़ के विकास कार्यों की मुख्यमंत्री ने दी सौगात।
- 71 पीएम ई-बसों का हुआ शुभारंभ, सात शहरों को मिलेगी सुविधा।
- 1.32 लाख श्रमिकों और आश्रितों को 154 करोड़ से अधिक की सहायता।
Bhajanlal gifts projects worth 3,500 crore to Rajasthan : राजस्थान में शहरी सुविधाओं, स्वास्थ्य, परिवहन, स्वच्छता और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित एचसीएम रीपा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए करीब 3,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 71 प्रधानमंत्री ई-बसों को भी रवाना किया। इनमें जयपुर और भीलवाड़ा के लिए 24 ई-बसें तथा अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के लिए 47 ई-बसें शामिल हैं। इससे इन शहरों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के अनुरूप सरकार विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन और क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ना अब केवल पर्यावरण की जरूरत नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है।
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उन्होंने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भविष्य के परिवहन की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि देश में चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार, ऑटो सेक्टर के लिए पीएलआई योजना और पीएम ई-ड्राइव जैसी पहलों से इलेक्ट्रिक वाहन व्यवस्था मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार 2016 के बाद देश में ईवी की बिक्री में करीब 46 गुना वृद्धि हुई है।
श्रमिकों को भी बड़ी राहत
कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1 लाख 32 हजार 421 श्रमिकों और उनके आश्रितों को 154 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इसके साथ ही श्रमिकों को डिजिटल गैस डिटेक्टर और फायर रेस्क्यू किट भी वितरित किए गए।
स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार जल, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से राजस्थान को विकसित और सुविधासंपन्न प्रदेश बनाने का लक्ष्य आगे बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में भी विस्तार
लोकार्पित परियोजनाओं में जयपुर के आरयूएचएस में 128-स्लाइस सीटी स्कैन और 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन शामिल हैं। इसी संस्थान में 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाए गए स्नातक छात्रावास का भी लोकार्पण किया गया।
एसएमएस अस्पताल के आयुष्मान टावर में कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज संस्थान तथा चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में 51 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने नए आईपीडी टावर को भी जनता को समर्पित किया गया। झोटवाड़ा के अभयपुर और दूदू विधानसभा क्षेत्र के रेहलाना में उप स्वास्थ्य केंद्र भी शुरू किए गए।
राजस्थान पुलिस अकादमी में 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 300 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाले महिला छात्रावास का लोकार्पण किया गया। अजमेर में करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य भी पूरे किए गए।
शहरों में स्वच्छता और रोशनी पर फोकस
प्रदेश के नगरीय निकायों में 109 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाए गए 395 पिंक टॉयलेट सहित कुल 506 शौचालयों का लोकार्पण हुआ। इसके अलावा 57 नगरीय निकायों में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से एलईडी स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्य पूरे किए गए।
वहीं, बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों में 625 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 76 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
जयपुर में सीवरेज और ट्रैफिक को मिलेगी नई रफ्तार
अमृत 2.0 योजना के तहत जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 465 करोड़ रुपये से अधिक के सीवरेज कार्यों की शुरुआत की गई। इसके तहत 507 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इससे करीब 52 हजार घरों को सीवर कनेक्शन मिलने और लगभग 13 लाख लोगों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
जयपुर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 81 करोड़ रुपये की लागत से सात परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें करतारपुरा नाले के पास अंडरब्रिज, अजमेर रोड के पुरानी चुंगी जंक्शन पर अंडरब्रिज तथा सीकर रोड, महल रोड और न्यू सांगानेर रोड पर यू-टर्न व सब-वे जैसे कार्य शामिल हैं।
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टोंक रोड और महल रोड को जोड़ने के लिए करीब 60 करोड़ रुपये के यातायात विकास कार्य भी प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा द्रव्यवती नदी पर 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रूफटॉप सोलर परियोजना और झोटवाड़ा में सैटेलाइट चिकित्सालय सहित अन्य विकास कार्यों का भी शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मंजू शर्मा तथा विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा और कैलाश वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।



