कर्मचारियों को बड़ी राहत, पदोन्नति के नियमों में सरकार का बड़ा फैसला
राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लेते हुए पदोन्नति के लिए अनुभव में दो वर्ष की छूट, नए पदों का सृजन और विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मजबूत कर्मचारी व्यवस्था ही सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है और हर निर्णय जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला होना चाहिए।
- पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 वर्ष की छूट से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
- कर्मचारियों के लिए 149 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
- भजनलाल शर्मा ने सुशासन में कर्मचारियों की भूमिका को सबसे अहम बताया।
Government’s major decision regarding promotion rules : राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को आसान बनाने और सचिवालय की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संतुष्ट और प्रेरित कर्मचारी ही सुशासन की मजबूत नींव होते हैं, इसलिए सरकार लगातार कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।

रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी एवं सचिवालय कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संघ ने पदोन्नति के लिए अनुभव में दो वर्ष की छूट, नए पदों के सृजन और कर्मचारी हित में लिए गए फैसलों पर सरकार का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की पदोन्नति प्रक्रिया में पात्र कर्मचारियों को अनुभव की अनिवार्यता में दो वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया है। जिन कार्मिकों ने पिछले तीन वर्षों में इस सुविधा का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका फायदा मिलेगा। इसके लिए संबंधित सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति का रास्ता साफ होगा।
यह भी पढ़ें ; जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से पहली उड़ान, यात्रियों का हुआ भव्य स्वागत
उन्होंने कहा कि सचिवालय केवल सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि प्रदेश की करीब 8 करोड़ जनता की उम्मीदों का केंद्र है। हर फाइल किसी नागरिक की समस्या, किसी किसान की उम्मीद, किसी युवा के भविष्य और किसी परिवार के विश्वास से जुड़ी होती है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों का हर निर्णय पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्मचारियों के लिए कई अन्य कल्याणकारी निर्णय भी लागू किए गए हैं। ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को नोशनल वेतन वृद्धि के आधार पर पेंशन का लाभ मिलेगा। 70 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन भत्ता तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन का प्रावधान भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को शामिल किया गया है। एकल महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव छह चरणों में लेने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, कार्यस्थल पर बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ स्थापित किए जाएंगे।
भजनलाल शर्मा ने बताया कि सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 149 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें सहायक शासन सचिव, सहायक अनुभाग अधिकारी और लिपिक ग्रेड प्रथम के पद शामिल हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया भी तेज होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस कार्य प्रणाली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी की भावना के अनुरूप नवाचार और बेहतर कार्य संस्कृति के जरिए राजस्थान को सुशासन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें ; ICC हॉल ऑफ फेम में गांगुली-अंजुम की एंट्री, जय शाह ने दी बधाई
इस दौरान राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा ने सरकार के फैसलों का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि सभी कर्मचारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कार्यक्रम में सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कजोड़मल मीणा समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



