निकाय चुनाव पर बड़ा बयान, मंत्री बोले- सरकार पूरी तरह तैयार
राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार अपनी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर चुकी है। अब चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर भी तीखा पलटवार किया।
- निकाय चुनाव को लेकर सरकार ने सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी होने का दावा किया।
- यूडीएच मंत्री ने कहा कि अब फैसला निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग के हाथ में है।
- सरकार तैयार होने का दावा करते हुए कांग्रेस के आरोपों को बताया विरोधाभासी।
Minister says: Government fully prepared : राजस्थान में लंबे समय से लंबित नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सियासी माहौल फिर गरमा गया है। इस बीच स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चुनाव संबंधी सभी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पहले ही पूरी कर चुकी है। अब आगे की कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
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मंत्री ने बताया कि सरकार ने मार्च 2026 में ही परिसीमन और पुनर्सीमांकन का काम पूरा कर लिया था। उनके अनुसार सरकार के स्तर पर अब कोई प्रक्रिया लंबित नहीं है और चुनाव कराने से जुड़ी जिम्मेदारी संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के पास है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में ओबीसी राजनीतिक आरक्षण लागू करने से पहले सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इसके तहत पिछड़ा वर्ग की वास्तविक स्थिति, जनसंख्या और प्रतिनिधित्व का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
खर्रा ने कहा कि सरकार चाहती है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यात्मक और कानूनी रूप से मजबूत हो, ताकि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया किसी न्यायिक विवाद का सामना न करे। उनके अनुसार संवैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए ही चुनाव कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि विपक्ष एक ओर चुनाव में देरी का मुद्दा उठा रहा है, जबकि दूसरी ओर ओबीसी राजनीतिक आरक्षण को भी बरकरार रखने की मांग कर रहा है। उन्होंने इसे विरोधाभासी राजनीति बताया।
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गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं होने के बाद कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका दायर की है, जिसमें राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। ऐसे में अब सभी की नजर निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।



