राजस्थान के पत्रकारों ने देखा विशाखापट्टनम पोर्ट का बदलता चेहरा
राजस्थान से पहुंचे पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने विशाखापट्टनम पोर्ट अथॉरिटी और इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का दौरा कर समुद्री परिवहन, कंटेनर हैंडलिंग और क्रूज पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को करीब से समझा। अधिकारियों ने पोर्ट के विस्तार, ग्रीन पोर्ट पहल, डिजिटल तकनीक और सागरमाला परियोजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की।
- राजस्थान के पत्रकारों ने विशाखापट्टनम पोर्ट अथॉरिटी का जमीनी दौरा किया।
- विशाखापट्टनम इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल की आधुनिक यात्री सुविधाओं की जानकारी ली।
- ग्रीन पोर्ट, डिजिटलीकरण और सागरमाला परियोजना से जुड़े विकास कार्यों को करीब से देखा।
Rajasthan Journalists Visit Visakhapatnam Port : भारत सरकार की डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन डिसेमिनेशन (DCID) योजना के तहत पत्र सूचना कार्यालय (PIB), जयपुर की ओर से आयोजित आंध्र प्रदेश के विशेष मीडिया दौरे में राजस्थान के पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को विशाखापट्टनम पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने विशाखापट्टनम पोर्ट अथॉरिटी और विशाखापट्टनम इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का दौरा किया।

इस दौरे का मकसद पत्रकारों को देश में विकसित हो रहे बड़े बुनियादी ढांचे और समुद्री परिवहन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति से सीधे रूबरू कराना था। प्रतिनिधिमंडल ने पोर्ट परिसर में विभिन्न संचालन प्रणालियों और टर्मिनल की सुविधाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
विशाखापट्टनम पोर्ट अथॉरिटी की ओर से पत्रकारों के लिए विशेष प्रस्तुति भी आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों ने पोर्ट के रोजमर्रा के संचालन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
दौरे का एक प्रमुख हिस्सा विशाखापट्टनम इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल रहा। पत्रकारों को बताया गया कि टर्मिनल पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रूज यात्रियों के लिए कस्टम्स, इमिग्रेशन, बैगेज हैंडलिंग और आधुनिक लाउंज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों ने आने वाले वर्षों में क्रूज पर्यटन के विस्तार और यात्रियों की संभावित बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा रहे रोडमैप की भी जानकारी दी।
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प्रतिनिधिमंडल ने विशाखा कंटेनर टर्मिनल का भी अवलोकन किया। अधिकारियों के अनुसार, टर्मिनल में आधुनिक उपकरण और तकनीकी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिनमें पोस्ट-पनामाॅक्स शिप-टू-शोर (STS) क्रेन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य बंदरगाह से स्थानीय हिंटरलैंड और देश के विभिन्न अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD) तक माल की आवाजाही को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है।
प्रस्तुति के दौरान पोर्ट की क्षमता बढ़ाने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनाई जा रही ग्रीन पोर्ट पहलों, डिजिटल सिस्टम और सागरमाला परियोजना के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी पत्रकारों को दी गई।
दौरे के दौरान पत्रकारों को समुद्री माल ढुलाई के साथ-साथ क्रूज पर्यटन और यात्री परिवहन में हो रहे तकनीकी बदलावों को समझने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने क्रूज टर्मिनल परिसर, कंटेनर टर्मिनल क्षेत्र और पोर्ट की अन्य संचालन व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण किया।
इस तरह का जमीनी मीडिया दौरा समुद्री बुनियादी ढांचे और उससे जुड़े आर्थिक गतिविधियों को समझने का प्रत्यक्ष अवसर प्रदान करता है। राजस्थान से आए पत्रकारों ने विशाखापट्टनम पोर्ट के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन कर वहां की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं की जानकारी हासिल की।



