राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव टले, निर्वाचन आयोग ने बताई नई समयसीमा
राजस्थान में 31 जुलाई तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव होने की संभावना समाप्त हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनाव कराने में कम से कम 90 दिन का समय लगेगा। आयोग ने बढ़ी हुई पंचायतों और प्रशासनिक तैयारियों को भी इसकी प्रमुख वजह बताया।
- निकाय-पंचायत चुनाव 31 जुलाई तक होना संभव नहीं।
- निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के लिए 90 दिन का समय बताया।
- आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ेगी चुनावी तैयारी।
Rajasthan civic and panchayat elections postponed : राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर तस्वीर फिलहाल साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिया है कि 31 जुलाई तक दोनों चुनाव कराना संभव नहीं होगा। आयोग का कहना है कि आवश्यक आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनाव संपन्न कराने में कम से कम 90 दिन का समय लगेगा।
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निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग को भेजे अपने पत्र में बताया है कि चुनावी प्रक्रिया आरंभ करने से पहले अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के लिए आरक्षण का अंतिम निर्धारण होना जरूरी है। इसके बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, पंचायती राज विभाग ने आयोग से पूछा था कि यदि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद सभी वर्गों के आरक्षण तय कर दिए जाएं, तो चुनाव कराने में कितना समय लगेगा। इसके जवाब में आयोग ने कहा कि आरक्षण अधिसूचना जारी होने के बाद पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगभग 90 दिनों की आवश्यकता होगी।
आयोग के मुताबिक, पंचायत चुनावों के लिए करीब 50 दिन, जबकि नगरीय निकाय चुनावों के लिए 40 दिन का समय लगेगा। बढ़ी हुई पंचायतों की संख्या, संसाधनों की उपलब्धता और प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए पंचायत चुनाव चार चरणों में तथा नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाने की संभावना जताई गई है।
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 मई को राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं होने के कारण तय समयसीमा में चुनाव कराना संभव नहीं माना जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, ओबीसी आयोग ने अपनी रिपोर्ट 14 अगस्त 2026 तक सौंपने की संभावना जताई है। इसके बाद पंचायती राज विभाग आरक्षण संबंधी प्रक्रिया पूरी करेगा और फिर निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।



