राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय, 12 जिलों में बारिश अलर्ट
राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिर बढ़ गई हैं और कई इलाकों में बारिश से मौसम सुहाना हुआ है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 12 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटे में जयपुर समेत 10 जिलों में बारिश दर्ज की गई। वहीं बांधों में पानी की आवक बढ़ने से कई जगह गेट खोलकर जल निकासी की जा रही है।
- राजस्थान मानसून फिर सक्रिय, 12 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट।
- तेज बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ी, कई गेट खोले गए।
- मानसून गतिविधि 28 अगस्त से कमजोर पड़ने की संभावना।
Rajasthan Monsoon Revives, Rain Alert in 12 Districts: जयपुर। राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू होने से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के 12 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है।
बीते 24 घंटे में जयपुर समेत 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। करौली के सपोटरा में सबसे ज्यादा 47 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। बारिश के बाद पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई इलाकों में तापमान भी नीचे आया है।
जलभराव और बारिश का असर बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। झालावाड़ में कालीसिंध नदी से लगातार पानी की आवक के बाद बांध का एक गेट खोल दिया गया है। इससे करीब 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं कोटा के नवनेरा बांध से तीन गेट खोलकर 25 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी की निकासी की जा रही है।
इसके अलावा कोटा बैराज, जवाहर सागर, बीसलपुर, ईसरदा, गालवा और गुढ़ा समेत कई बांधों में पानी की आवक जारी है। इससे इनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीसलपुर बांध में भी पानी पहुंच रहा है। त्रिवेणी नदी का जलस्तर 2.30 मीटर से अधिक रहने के चलते बुधवार को बांध का गेज करीब 4 सेंटीमीटर बढ़ गया।
जिन जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई, उनमें जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, करौली, कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सिरोही शामिल हैं। इसके साथ ही कोटा बैराज, जवाहर सागर, ईसरदा, गालवा, पार्वती और गुढ़ा बांधों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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हालांकि पूरे प्रदेश में मौसम एक जैसा नहीं है। पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश के कारण अधिकतम तापमान ज्यादातर शहरों में 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर अभी बना हुआ है। बुधवार को श्रीगंगानगर 41.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। बीकानेर में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून और शाहजहांपुर से होते हुए दक्षिणी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, रांची और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसी वजह से राजस्थान में फिलहाल मानसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
हालांकि मौसम का यह दौर ज्यादा लंबा चलने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 28 अगस्त से राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ सकता है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने की संभावना है। आसमान साफ होने और हल्की धूप निकलने के साथ तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।



