राजस्थान में मानसून फिर सुस्त, 18 जिलों में यलो अलर्ट
राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का दायरा सीमित हो गया है और कई इलाकों में गर्मी-उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, पिछले दिनों अलर्ट वाले कई क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई, जिससे फिलहाल प्रदेश में व्यापक बारिश की उम्मीद कमजोर बनी हुई है।
- राजस्थान मानसून: बारिश की गतिविधियां फिर कमजोर
- 18 जिलों में यलो अलर्ट: हल्की से मध्यम बारिश के आसार
- बारिश कमजोर: कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ी
Rajasthan Monsoon Weakens Again: जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर धीमा पड़ता नजर आ रहा है। बारिश की गतिविधियां कम होने से प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने शनिवार को पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, लेकिन पिछले दिन के मौसम के आंकड़े बताते हैं कि अलर्ट के बावजूद बारिश का असर सीमित रहा। शुक्रवार को 15 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट था, लेकिन इनमें से 11 जिलों में दिनभर मौसम साफ रहा। जिन जगहों पर बारिश हुई, वहां भी अधिकांश इलाकों में बारिश 10 मिलीमीटर से कम रही।
चुनिंदा इलाकों में ही हुई बारिश
21 अगस्त को सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, अजमेर, टोंक, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई थी।इसके बावजूद बारिश कुछ ही इलाकों तक सीमित रही। किशनगंज और अटरू में कुल 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भरतपुर के बयाना, उच्चैन और वैर में करीब 6 मिलीमीटर, जबकि धौलपुर में 5 मिलीमीटर बारिश हुई। कोटा के कानावास में 3 मिलीमीटर और उदयपुर के मावली में सिर्फ 1 मिलीमीटर पानी बरसा। खास बात यह रही कि मावली में बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था।
40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान
मानसून की सुस्ती का सीधा असर तापमान पर भी दिख रहा है। बादल और बारिश कम होने से कई जिलों में दिन का तापमान ऊपर गया। शुक्रवार को श्रीगंगानगर 39.9 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। यहां तापमान 40 डिग्री के बेहद करीब पहुंच गया।
चूरू में 39 डिग्री, बीकानेर में 37.4, फलोदी में 37, फतेहपुर में 36.5, हनुमानगढ़ में 36.3 और झुंझुनूं में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं प्रतापगढ़ में दिन का सबसे कम अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
ट्रफ लाइन की स्थिति से कमजोर हुआ मानसून
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान में मानसून की सक्रियता काफी हद तक ट्रफ लाइन की स्थिति पर निर्भर करती है। ट्रफ लाइन के आसपास हवा के दबाव और दिशा में बदलाव होने पर बादलों के बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है।
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फिलहाल मानसून की ट्रफ लाइन अमृतसर, मुजफ्फरनगर, कानपुर, डालटनगंज और दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसका बड़ा हिस्सा राजस्थान से उत्तर दिशा में होने के कारण प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर चल रही हैं।
18 जिलों में आज बारिश की उम्मीद
फिलहाल राजस्थान में व्यापक और तेज बारिश का दौर कमजोर नजर आ रहा है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में 22 अगस्त के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, ऐसे में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद यदि बारिश के बीच लंबा अंतराल बना रहता है, तो प्रदेश के कई हिस्सों में उमस के साथ तापमान फिर बढ़ सकता है। यानी फिलहाल राजस्थान को व्यापक बारिश के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।



