वाराणसी में छाया राजस्थान का पोषण मॉडल
वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में राजस्थान की ओर से लगाए गए स्टॉल ने सबका ध्यान खींचा। ‘सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान’ थीम पर प्रस्तुत स्टॉल में मातृत्व पोषण, आंगनबाड़ी सेवाओं, बच्चों के दूध, न्यूट्री किट और शालापूर्व शिक्षा से जुड़े नवाचार दिखाए गए। मंत्रालय ने भी स्टॉल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और राज्य की पहल सराही।
- राजस्थान का पोषण मॉडल वाराणसी में बना आकर्षण का केंद्र।
- राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलेगा।
- पोषण स्टॉल पर आंगनबाड़ी और मातृत्व पोषण की पहल प्रदर्शित।
Rajasthan’s nutrition model takes center stage in Varanasi : राजस्थान के महिला एवं बाल विकास विभाग की पोषण संबंधी पहलों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर लगाए गए राजस्थान के स्टॉल को व्यापक सराहना मिली। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया पर इस स्टॉल की तस्वीरें साझा कीं।
यह भी पढ़ें ; भिवाड़ी में दवा गोदाम पर कार्रवाई, 5 दवाएं अवमानक
वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रदर्शनी में राजस्थान ने ‘सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान’ थीम के साथ अपनी योजनाओं और नवाचारों को प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में मातृत्व पोषण के लिए अपनाए जा रहे कैश प्लस मॉडल को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दिए जा रहे पूरक पोषाहार और मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत उपलब्ध कराए जा रहे दूध की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री किट योजना तथा शालापूर्व शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों ने भी स्टॉल को खास बनाया।
कार्यक्रम का अवलोकन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, भारत सरकार के सचिव अनिल मलिक सहित अन्य विशिष्ट प्रतिनिधियों ने किया। उन्होंने राजस्थान की ओर से प्रस्तुत किए गए नवाचारों की जानकारी ली और स्टॉल की सराहना की।
यह भी पढ़ें ; मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात, मदद लेने में न करें देर
राजस्थान में 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 9वां राष्ट्रीय पोषण माह जन-आंदोलन के रूप में मनाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार इस दौरान पोषण को लेकर प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है।
इस थीम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को सिर्फ पोषण वितरण के केंद्र तक सीमित न रखते हुए बच्चों की देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है। साथ ही समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना पैदा करने पर जोर दिया जाएगा।
पोषण माह के दौरान पांच प्रमुख विषयों पर विशेष गतिविधियां होंगी। इनमें आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा पका हुआ गर्म भोजन (HCM), सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल्यावस्था विकास के लिए पोषण और प्रारंभिक उद्दीपन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) शामिल हैं।
यह भी पढ़ें ; PM-RKVY पर मंथन, बजट खर्च की डेडलाइन तय
विभागीय कैलेंडर के अनुसार इन गतिविधियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान की रोजाना प्रगति को जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा, जिससे गतिविधियों की निगरानी और उनकी प्रगति का आकलन किया जा सके।



