AI से स्मार्ट होगी राजस्थान पुलिस, कोटा में ट्रेनिंग शुरू
राजस्थान पुलिस को बदलते डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और OSINT जैसी तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। कोटा में शुरू हुए तीन दिवसीय स्मार्ट पुलिसिंग कार्यक्रम में 75 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। प्रैक्टिकल अभ्यास और सिमुलेशन के जरिए उन्हें तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है।
- राजस्थान पुलिस को AI और साइबर तकनीक में किया जा रहा प्रशिक्षित।
- स्मार्ट पुलिसिंग प्रशिक्षण में 75 पुलिसकर्मी ले रहे हिस्सा।
- AI और OSINT से साइबर जांच और अपराध अनुसंधान होगा बेहतर।
Rajasthan Police Smart Policing Training : डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अपराध का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। साइबर अपराध और डिजिटल जांच की बढ़ती जरूरत को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने तकनीकी प्रशिक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कोटा में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए AI, साइबर सुरक्षा और OSINT आधारित स्मार्ट पुलिसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा के तकनीकी सहयोग से आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 19 अगस्त 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने IIIT कोटा परिसर में दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मौके पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल, उप महानिरीक्षक पुलिस कुँवर राष्ट्रदीप, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कोर्स समन्वयक प्रोफेसर ज्ञान सिंह मौजूद रहे।
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डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने तकनीक आधारित पुलिसिंग को समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को भविष्य में सामने आने वाली डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। AI और दूसरी आधुनिक तकनीकों के सही इस्तेमाल से अपराध अनुसंधान और साइबर जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी आयोजित करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से नागरिकों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के अनुसार, प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को AI, साइबर सुरक्षा, OSINT और उभरती डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना है। कोटा शहर और कोटा रेंज के विभिन्न जिलों से कुल 75 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
प्रशिक्षण में सिर्फ कक्षा आधारित जानकारी देने के बजाय वास्तविक पुलिसिंग से जुड़े मामलों को ध्यान में रखकर अभ्यास कराया जा रहा है। इससे पुलिसकर्मियों को डिजिटल इंटेलिजेंस, साइबर जांच और अपराध अनुसंधान में तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल सीखने का मौका मिलेगा।



