सूर्यघर योजना पर सरकार सख्त, वेंडर्स की ट्रेनिंग बढ़ेगी

राजस्थान में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति देने के लिए सरकार ने वेंडर्स की क्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने डिस्कॉम को उपभोक्ता शिकायतों का जल्द समाधान करने, पोर्टल अपडेट रखने और बिजली तंत्र की रियल टाइम मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश दिए। पीएम-कुसुम में राजस्थान देश में अग्रणी बना हुआ है।

  • सूर्यघर योजना के लिए वेंडर्स की कैपेसिटी बिल्डिंग और प्रशिक्षण पर जोर।
  • डिस्कॉम को बिजली संबंधी शिकायतों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के निर्देश।
  • बिजली तंत्र में रियल टाइम मॉनिटरिंग बढ़ाने और पीएम-कुसुम को मजबूत करने पर फोकस।

Government gets tough on Surya Ghar scheme : राजस्थान में बिजली व्यवस्था और अक्षय ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं को रफ्तार देने के लिए सरकार ने निगरानी और क्रियान्वयन दोनों स्तरों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पीएम-कुसुम, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आरडीएसएस और बजट घोषणाओं समेत विभिन्न विषयों की प्रगति पर चर्चा की।

सूर्यघर योजना पर सरकार सख्त, वेंडर्स की ट्रेनिंग बढ़ेगी
Image Source : Via Dipr

बैठक में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर बिजली से जुड़ी शिकायतों, केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित मामलों और राइट ऑफ वे (RoW) से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान केवल दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें समय पर और संतोषजनक तरीके से निपटाया जाए।

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पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर श्रीनिवास ने वेंडर्स की क्षमता निर्माण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिक से अधिक वेंडर्स को कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप के जरिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि योजना से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ सकें। मौजूदा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा कर उन्हें और उपयोगी बनाने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागीय पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि योजनाओं और शिकायतों की वास्तविक स्थिति पोर्टल पर समय पर उपलब्ध रहेगी तो अधिकारियों के लिए मॉनिटरिंग और कार्रवाई दोनों आसान होंगे।

बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। इसके जरिए ट्रांसफार्मर, फीडर और सबस्टेशन की स्थिति पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी। साथ ही विद्युत फॉल्ट की पहचान और उसके पूर्वानुमान से संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा ने बताया कि पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान क्षमता के लिहाज से देश में अग्रणी है। उनके अनुसार, पीएम-कुसुम के कंपोनेंट ए और सी के तहत राज्य में करीब 5.20 गीगावॉट क्षमता स्थापित हो चुकी है। जुलाई 2026 में राजस्थान ने 5 गीगावॉट क्षमता का आंकड़ा पार किया।

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ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जमीनी प्रगति और लंबित मामलों की स्थिति भी सामने रखी। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को तय लक्ष्यों के अनुरूप काम में तेजी लाने और योजनाओं का लाभ उपभोक्ताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।

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