राज उन्नति बैठक में गांवों के विकास पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की नौवीं बैठक में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए गांव, गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने सड़क, शिक्षा, आवास, रोजगार, पेयजल और स्वास्थ्य परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा काम में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
- राज उन्नति बैठक : 15 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं की समीक्षा और अधिकारियों को फील्ड में उतरकर काम करने की सख्त हिदायत।
- स्कूलों का कायापलट : 12,500 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से जर्जर भवनों, कक्षाओं और बुनियादी सुविधाओं में सुधार का प्लान।
- ग्रामीण विकास और कनेक्टिविटी : अटल प्रगति पथ और अटल ज्ञान केंद्रों के जरिए गांवों के युवाओं और किसानों को सीधा लाभ।
Major focus on village development at the State Progress Meeting : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की नौवीं बैठक में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं, योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में ग्रामीण विकास, शिक्षा, आवास, रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और डिजिटल सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, इसके लिए स्वीकृति से लेकर निविदा और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय फील्ड में जाकर कार्यों की स्थिति देखने और योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अनावश्यक देरी मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही गई।
गांवों की कनेक्टिविटी पर जोर
बैठक में अटल प्रगति पथ के निर्माण की प्रगति भी जांची गई। मुख्यमंत्री ने 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में चल रहे कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। वर्ष 2025-26 के शेष कार्यों और वर्ष 2026-27 के पहले चरण के प्रगतिरत कार्यों को नवंबर 2026 तक पूरा करने को कहा गया।

वहीं, वर्ष 2026-27 के दूसरे चरण के कार्य जल्द शुरू कराने और प्रत्येक जिले के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्माण की गति के साथ गुणवत्ता की नियमित जांच पर भी जोर दिया। इन सड़कों के पूरा होने से गांवों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बेहतर करने का लक्ष्य है।
स्कूलों में 12,500 करोड़ से सुविधाओं का विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में बैठक के दौरान स्कूल भवनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई गई।
सरकार के अनुसार 41 जिलों के 65,308 राजकीय विद्यालयों का तकनीकी सर्वे कराया गया है। सर्वे में 3,587 जर्जर स्कूल भवनों के अलावा करीब 71,078 कक्षा-कक्षों तथा बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं में सुधार की जरूरत सामने आई है।
पिछले दो वर्षों में स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 3,364 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर 1,220 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। करीब 2,500 करोड़ रुपये के 5,000 कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 652 नए स्कूल भवनों को प्रशासनिक स्वीकृति के बाद निविदा प्रक्रिया में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने को कहा।
पंचायत मुख्यालयों पर बनेंगे अटल ज्ञान केंद्र
ग्रामीण युवाओं और आमजन को पढ़ाई तथा डिजिटल सेवाओं की सुविधा देने के लिए अटल ज्ञान केंद्रों के निर्माण को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई। प्रथम चरण में स्वीकृत 2,052 केंद्रों में से 628 का काम पूरा हो चुका है और बाकी कार्य जारी हैं।
दूसरे चरण में 3,000 अटल ज्ञान केंद्र विकसित किए जाने हैं। इनमें से 1,000 केंद्रों की स्वीकृति जारी हो चुकी है। इन केंद्रों में पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र और ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
46 लाख विद्यार्थियों के पोषण पर नजर
पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराने और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी जिलों में दूध पाउडर की शत-प्रतिशत आपूर्ति जल्द सुनिश्चित करने को कहा गया।
सरकार के अनुसार इस योजना से करीब 46 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं और इसके लिए करीब 800 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा, गोपालन और वित्त विभाग को आपसी समन्वय से आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
ग्रामीण रोजगार और आवास पर भी चर्चा
बैठक में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत रोजगार सृजन की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पात्र परिवारों को जरूरत के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने और भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। जुलाई से अब तक योजना के तहत 3.29 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित होने की जानकारी बैठक में दी गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2026 तक प्रगतिरत आवासों को पूरा कराने और लाभार्थियों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। वन भूमि पर निवासरत भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
करीब 9 लाख शिकायतों में से अधिकांश का निस्तारण
ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी नागरिक शिकायतों की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 1 जनवरी से 21 सितंबर 2026 तक 8,97,808 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 8,68,425 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 3.27 प्रतिशत शिकायतें लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल, जलभराव और सड़क से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से उन ग्राम पंचायतों में पंचायत समिति स्तर पर शिविर आयोजित कराने को कहा, जहां अभी जनसेवा शिविर नहीं हुए हैं।
भरतपुर, बीकानेर और अजमेर में आरआईटी
तकनीकी शिक्षा के विस्तार के तहत भरतपुर, बीकानेर और अजमेर के तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) के रूप में विकसित करने की योजना की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने इन संस्थानों की स्थापना से जुड़े विधेयक विधानसभा में पेश करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
इन तीन आरआईटी की स्थापना पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को आवश्यक वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।
छह नए ट्रोमा सेंटरों की प्रगति जांची
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने छह नए ट्रोमा सेंटरों के निर्माण की समीक्षा की। कोलाना (बांदीकुई) और दलोत (प्रतापगढ़) के कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। देसूरी (पाली) ट्रोमा सेंटर को मार्च 2028 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
आरयूएचएस जयपुर में ट्रोमा सेंटर के उन्नयन का काम मार्च 2027 तक पूरा करने को कहा गया। साण्डेराव में ट्रोमा सेंटर का निर्माण कार्ययोजना तैयार कर जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए, जबकि दूदू में ट्रोमा सेंटर का काम पूरा होने की जानकारी दी गई।
10 योजनाओं को SMART प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने पिछली राज उन्नति बैठकों में दिए गए निर्देशों की अनुपालना भी जांची। उन्होंने SMART (Service Management with Artificial Intelligence and Real Time System) योजना के तहत 10 प्रमुख योजनाओं को 10 दिसंबर तक स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश दिए।
इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार छात्रवृत्ति, स्वयं सहायता समूहों को ऋण, लाडो प्रोत्साहन योजना, गार्गी पुरस्कार और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। संबंधित विभागों को जरूरत के अनुसार नियमों में संशोधन करने और मुख्य सचिव को इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत 2025-26 और 2026-27 के विकास कार्यों को 15 दिसंबर 2026 से पहले पूरा कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक का प्रमुख फोकस विकास परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति और योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने पर रहा।



