उड़ान योजना पर सरकार सख्त, नैपकिन की सप्लाई को लेकर दिए बड़े निर्देश
राजस्थान में काली बाई भील (उड़ान) योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सेनेटरी नैपकिन की नियमित आपूर्ति, गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में वितरण प्रभावित नहीं होना चाहिए। सरकार ने समय पर खरीद और आपूर्ति पूरी करने के साथ लाभार्थियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- उड़ान योजना: 10 से 45 वर्ष की महिलाओं और किशोरियों को हर महीने 2 पैकेट सेनेटरी नैपकिन निःशुल्क दिए जाते हैं।
- नैपकिन आपूर्ति: सरकार ने निर्बाध सप्लाई, बेहतर गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- राजस्थान सरकार: संभाग स्तर पर एक से अधिक कंपनियों को जिम्मेदारी देने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर।
Rajasthan Reviews Udaan Scheme, Ensures Sanitary Napkin Supply : जयपुर में गुरुवार को शासन सचिवालय में काली बाई भील (उड़ान) योजना की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना से जुड़े विभागों ने अब तक की स्थिति और आगे की तैयारियों पर चर्चा की।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से साफ कहा कि सेनेटरी नैपकिन की आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। उन्होंने खरीद और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ लाभार्थियों को तय समय पर गुणवत्तापूर्ण नैपकिन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं और किशोरियों का स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
भविष्य में किसी एक आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता कम करने के लिए मुख्य सचिव ने संभाग स्तर पर एक से अधिक कंपनियों को काम सौंपने की व्यवस्था तैयार करने को कहा। इससे किसी कंपनी की ओर से आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रह सकेगी।
उड़ान योजना के तहत 10 से 45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं और किशोरियों को हर महीने मुफ्त में दो पैकेट सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार विद्यालयों में 22,38,834, आंगनवाड़ियों में 97,65,564 और अस्पतालों व अन्य माध्यमों से 2,84,250 लाभार्थी पंजीकृत हैं।
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बैठक में अधिकारियों को आगामी खरीद और आपूर्ति प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करने तथा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि योजना का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों तक नियमित रूप से पहुंचे।
बैठक में स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड, वित्त विभाग की संयुक्त शासन सचिव डॉ. भारती दीक्षित, प्रबंधन निदेशक पुखराज सैन सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



