राजस्थान में औद्योगिक निवेश का बढ़ा भरोसा, 376 करोड़ के भूखंड

राजस्थान में औद्योगिक निवेश को लेकर उद्यमियों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिख रहा है। रीको की हालिया ई-नीलामी में 102 भूखंडों के लिए 200 से अधिक आवेदन मिले। सफल बोली वाले भूखंडों का कुल क्षेत्रफल करीब 62 एकड़ और मूल्य लगभग 376 करोड़ रुपए रहा। इससे प्रदेश में नई औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

  • औद्योगिक निवेश के लिए राजस्थान में उद्यमियों का रुझान बढ़ा।
  • रीको 102 भूखंडों का करीब 376 करोड़ रुपए में आवंटन करेगा।
  • औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद।

Confidence in industrial investment in Rajasthan has grown : राजस्थान में औद्योगिक निवेश को लेकर उद्यमियों का भरोसा मजबूत होता नजर आ रहा है। रीको की ओर से हाल ही में कराई गई भूखंडों की ई-नीलामी में निवेशकों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई। नीलामी में 102 भूखंडों के लिए 200 से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। सफल बोली वाले भूखंडों का कुल क्षेत्रफल करीब 62 एकड़ है, जिनकी कीमत लगभग 376 करोड़ रुपए बताई गई है।

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रीको की इस नीलामी में केवल औद्योगिक भूखंड ही शामिल नहीं थे। उद्यमियों और कारोबारियों के लिए कियोस्क, होटल, वे-ब्रिज, स्कूल, दुकान, पेट्रोल पंप और कमर्शियल शोरूम जैसी अलग-अलग श्रेणियों के भूखंड भी उपलब्ध कराए गए। इससे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

प्रदेश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों का खास रुझान देखने को मिला। आबूरोड के ग्रोथ सेंटर द्वितीय चरण और सरणेश्वर, भीलवाड़ा के ग्रोथ सेंटर हमीरगढ़, भिवाड़ी के कहारनी औद्योगिक क्षेत्र और घीलोठ में भूखंडों को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

इसी तरह जयपुर के बगरू-छितरौली, कोटा के इंद्रप्रस्थन और पाली के नया गांव औद्योगिक क्षेत्र भी निवेशकों की पसंद में रहे। अजमेर, अलवर, नागौर और सवाई माधोपुर समेत कई जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों को ई-नीलामी में शामिल किया गया था।

रीको के मुताबिक नीलामी में मिली प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने को लेकर उद्यमियों की रुचि बढ़ रही है। राज्य की निवेश संवर्द्धन नीतियों और औद्योगिक ढांचे को लेकर बढ़ता भरोसा आने वाले समय में नए निवेश को गति दे सकता है।

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इन भूखंडों पर बनने वाली औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। नई इकाइयों के साथ रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

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