आरपीएससी एसआई पुनः परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 69% से ज्यादा उपस्थिति
राजस्थान में एसआई पुनः परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। 11 जिलों के 666 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में दोनों पारियों में 69 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। एसओजी ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए 50 अभ्यर्थियों का सत्यापन शुरू किया, जबकि परीक्षा देने पहुंचे तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।
- एसआई पुनः परीक्षा में 69% से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज।
- आरपीएससी परीक्षा केंद्रों से एसओजी ने 3 वांछित अपराधियों को किया गिरफ्तार।
- टोंक जिले में दर्ज की गई सबसे अधिक उपस्थिति, जयपुर और उदयपुर पीछे।
RPSC SI re-examination concludes peacefully : राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सब इंस्पेक्टर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 रविवार को प्रदेश के 11 जिलों में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा के लिए 666 केंद्र बनाए गए थे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे।
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परीक्षा के दोनों चरणों में करीब 2.18 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पारी में 1,51,774 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 66,340 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह पहली पारी में कुल उपस्थिति 69.58 प्रतिशत रही। दूसरी पारी में 1,50,559 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 67,555 गैरहाजिर रहे। दूसरी पारी की उपस्थिति 69.03 प्रतिशत दर्ज की गई।
जिलेवार आंकड़ों में टोंक में सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पहली पारी में यहां उपस्थिति 77.73 प्रतिशत रही। इसके बाद हनुमानगढ़ में 74.35, श्रीगंगानगर में 73.42, भरतपुर में 73.39 और अलवर में 72.31 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। जयपुर में पहली पारी में 66.90 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे।
दूसरी पारी में भी टोंक 76.96 प्रतिशत उपस्थिति के साथ आगे रहा। हनुमानगढ़ में 73.83, श्रीगंगानगर में 73.06, भरतपुर में 72.83, जोधपुर में 71.29 और अलवर में 71.61 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जयपुर में दूसरी पारी की उपस्थिति 66.29 प्रतिशत रही, जबकि उदयपुर में यह आंकड़ा 66.06 प्रतिशत रहा।
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और नकल या अनुचित साधनों की किसी भी संभावना को रोकने के लिए एसओजी ने भी निगरानी बढ़ाई थी। एडीजी एसओजी विशाल बंसल के मुताबिक संदिग्ध फोटो, समान नाम और डबल फॉर्म जैसी विसंगतियों वाले 50 अभ्यर्थियों को चिह्नित किया गया है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है।
एसओजी ने पेपर लीक की आशंका को रोकने के लिए करीब 1,200 संदिग्ध व्यक्तियों और RPSC से डिबार किए गए अभ्यर्थियों को संबंधित थानों पर बुलाकर पूछताछ की। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तीन वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
एडीजी कानून-व्यवस्था वीके सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान प्रवेश और निकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और केंद्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न हो। पेपर की गोपनीयता और परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए भी सतर्कता बरती गई।
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परीक्षा से पहले पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा था कि पुलिस की वर्दी केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी, जिम्मेदारी और आमजन की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़ी है। उन्होंने अभ्यर्थियों से ऐसी सेवा भावना रखने का आह्वान किया, जिससे जरूरत के समय आमजन पुलिस पर भरोसा कर सके।



