तीन नदियों को प्रदूषण से बचाने की तैयारी तेज
राजस्थान में जोजड़ी, बांडी और लूणी नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक्शन प्लान पर काम तेज कर दिया है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप की बैठक में नदी संरक्षण, औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया। प्रदूषण नियंत्रण के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
- जोजड़ी, बांडी और लूणी नदी के प्रदूषण पर सरकार ने एक्शन प्लान की समीक्षा की।
- तीनों नदियों के संरक्षण के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोडल एजेंसी रहेगा।
- नदी प्रदूषण रोकने के साथ औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरण सुरक्षा में संतुलन पर जोर।
Preparations to protect three rivers from pollution intensified : जोजड़ी, बांडी और लूणी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने कार्रवाई की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप (ICG) की बैठक में इन तीनों नदियों के संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तैयार एक्शन प्लान पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रुप के अध्यक्ष और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तावित कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि नदी संरक्षण के साथ क्षेत्र में होने वाली औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरणीय सुरक्षा के बीच व्यावहारिक संतुलन बनाना जरूरी है।
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प्रदूषण नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड के समन्वय से संबंधित विभाग नदी प्रदूषण के कारणों और उसके नियंत्रण के लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान को आगे बढ़ाएंगे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि नदियों का संरक्षण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तय कार्ययोजना के अनुसार प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में भी संतुलित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में जोजड़ी, बांडी और लूणी नदी से जुड़े प्रदूषण के मुद्दों और उनके समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई। सरकार का फोकस नदी संरक्षण के साथ प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर है।
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बैठक में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं रीको अध्यक्ष शिखर अग्रवाल, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल, स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



