राजस्थान में साइबर सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, डेटा सुरक्षा पर बनी बड़ी रणनीति

राजस्थान सरकार ने राज्य के डिजिटल डेटा को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जयपुर में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की। विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने, डेटा संरक्षण, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और विभागों के बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा करते हुए भविष्य की रणनीति तय करने पर जोर दिया।

  • साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित।
  • डेटा सुरक्षा और DPDP कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव।
  • साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए विभागीय समन्वय और नई तकनीकों पर जोर।

Cybersecurity in Rajasthan to get a new boost : राजस्थान में सरकारी डिजिटल डेटा की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। “Strengthening Cybersecurity Frameworks for State Data” विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रेवेन्यू रिसर्च एंड एनालिसिस (COERRA), जयपुर में किया गया। यह कार्यशाला सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) के सहयोग से आयोजित की।

राजस्थान में साइबर सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, डेटा सुरक्षा पर बनी बड़ी रणनीति
Image Source : Via Dipr

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बदलते साइबर खतरों के बीच राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इसमें रिस्क-बेस्ड असेसमेंट, आईटी परिसंपत्तियों की सुरक्षा, स्टेट डेटा सेंटर एवं SWAN सुरक्षा, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC), स्टेट कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम (CSIRT), लीगेसी सिस्टम्स का आधुनिकीकरण और Secure-by-Design तथा Zero Trust जैसे आधुनिक सुरक्षा सिद्धांत प्रमुख रहे।

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बैठक में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023 और उससे जुड़े नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही विभागों में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) की नियुक्ति, डेटा वर्गीकरण, क्षमता निर्माण, कौशल विकास और साइबर जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह चंद्रावत ने कहा कि लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए राज्य में प्रशिक्षित “साइबर वॉरियर्स” तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा साइबर क्राइम इकाइयों के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

तकनीकी सत्रों में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे के तकनीकी और नीतिगत पहलुओं की जानकारी साझा की। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के निदेशक (टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट) दिनेश डिडेल, टीम लीड (साइबर लॉ) अर्शिल खान तथा स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश शर्मा सहित विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

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कार्यशाला के दौरान प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं को राष्ट्रीय परामर्श प्रक्रिया के तहत संकलित कर अंतिम राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, उप मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

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