कल पूरे राजस्थान में मातृ-शिशु स्वास्थ्य दिवस, गर्भवती महिलाओं को मिलेंगी विशेष स्वास्थ्य सेवाएं

राजस्थान में गुरुवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएनडी) आयोजित होगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण परामर्श और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अभियान की निगरानी के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ निदेशालय से चिकित्सकों की विशेष टीमें भी मैदान में रहेंगी।

  • मातृ-शिशु स्वास्थ्य दिवस पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
  • मातृ-शिशु स्वास्थ्य अभियान की निगरानी के लिए 15 डॉक्टरों की टीम फील्ड में तैनात।
  • मातृ-शिशु स्वास्थ्य दिवस के दौरान जांच, टीकाकरण और पोषण संबंधी परामर्श पर विशेष जोर।

Maternal and Child Health Day across Rajasthan tomorrow : प्रदेशभर में गुरुवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएनडी) का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, टीकाकरण, आवश्यक जांच और रिकॉर्ड संधारण की भी समीक्षा की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने 15 जुलाई से गर्भवती महिलाओं की पांच दिवसीय विशेष स्क्रीनिंग अभियान भी शुरू किया है। इसकी प्रभावी निगरानी के लिए निदेशालय से 15 चिकित्सकों की विशेष टीमों को विभिन्न जिलों में भेजा गया है। ये टीमें फील्ड विजिट कर अभियान की प्रगति का मूल्यांकन करेंगी और आवश्यक सुझाव भी देंगी।

एमसीएचएन दिवस के दौरान गर्भवती महिलाओं की समग्र प्रसव पूर्व जांच (ANC) की जाएगी। इसमें रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र जांच, रक्त समूह सहित अन्य जरूरी लैब जांच शामिल रहेंगी। साथ ही हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान कर जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

इसके अलावा लाभार्थियों को टिटनेस-डिप्थीरिया (TD) टीकाकरण, आयरन-फोलिक एसिड और कैल्शियम की दवाएं वितरित की जाएंगी। गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशु की देखभाल, जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने, छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने, प्रसवोत्तर देखभाल और परिवार नियोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाएंगी।

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स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ऐसे नियमित अभियान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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